मधेपुरा। बिहार सरकार की विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मंत्री सह मधेपुरा जिला प्रभारी मंत्री शीला कुमारी की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय परिसर स्थित झल्लू बाबू सभागार में संभावित बाढ़-2026 की पूर्व तैयारियों एवं जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बाढ़ तैयारी समीक्षा बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों, नाव और मोटरबोट की उपलब्धता, बाढ़ राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, मानव एवं पशु स्वास्थ्य सेवाएं, शुद्ध पेयजल, क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत, जल निकासी तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 153 लाइफ जैकेट, 12,821 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं तथा एसडीआरएफ की 24 सदस्यीय टीम तैनात है। निजी नाव मालिकों के साथ समझौते के तहत 70 नावों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संभावित बाढ़ के दौरान उपयोग के लिए शरण स्थलों एवं सामुदायिक रसोई स्थलों का भी चिन्हांकन कर लिया गया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 15 मई से 15 जून 2026 तक “बाढ़ सुरक्षा सप्ताह” के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं 38 गोताखोरों को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) भी सक्रिय है।
इसके बाद आयोजित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभुक तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के माध्यम से आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में विभागवार उपलब्धियों, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सांसद दिलेश्वर कामत, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, विधायक चन्द्रशेखर यादव, रमेश ऋषिदेव, जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन, पुलिस अधीक्षक डॉ संदीप सिंह, उप विकास आयुक्त अनिल बसाक सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री ने अंत में कहा कि संभावित बाढ़ एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन दोनों ही मामलों में जनहित सर्वोपरि है तथा सभी विभाग पूरी सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।














