ब्राह्मणों की उपेक्षा पर जताई चिंता, संगठन को मजबूत करने पर जोर
उनका कहना था कि कई परिवार अपनी आजीविका के लिए दूसरे राज्यों में दिहाड़ी मजदूरी करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व भी नहीं मिल रहा है।
