मधेपुरा/ जिले के चौसा थाना क्षेत्र के घोषई पंचायत अंतर्गत अरसंडी गांव वार्ड संख्या 10 में शुक्रवार की सुबह घटी एक हृदयविदारक घटना ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि उन रिश्तों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया, जिन्हें समाज सम्मान, ममता और अपनत्व का प्रतीक मानता है। जिस आंगन में एक सास ने बहू को बेटी मानकर परिवार बसाने के सपने देखे थे, उसी आंगन में एक मामूली कहासुनी ने ऐसी घटना घटित कर दिया कि एक वृद्ध मां की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई। मृतका की पहचान स्वर्गीय पुलकित यादव की 68 वर्षीय पत्नी प्रमिला देवी के रूप में हुई है।

गांव वालों की मानें तो शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे प्रमिला देवी अपने घर के दरवाजे पर उगे घास-पतवार को साफ कर रही थीं। इसी दौरान घर के भीतर बच्चे को लेकर कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि बहू राजो देवी अपने बच्चे को अपशब्द कह रही थी। वृद्धा प्रमिला देवी ने जब उसे रोकते हुए समझाने की कोशिश की, तब शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह छोटी-सी बात उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह बन जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, बात इतनी बढ़ गई कि सास-बहू का विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि गुस्से में बहू ने पहले सास को धक्का देकर गिराया, फिर बाल पकड़कर पक्की जमीन पर पटक दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। दर्द से कराहती वृद्ध महिला किसी तरह जान बचाने के लिए सड़क की ओर भागीं, लेकिन आरोप है कि उनका पीछा कर लकड़ी के प्रिहा से सिर पर हमला किया गया। कुछ ही क्षणों में वह सड़क पर बेसुध होकर गिर पड़ीं—और देखते ही देखते एक मां की सांसें थम गईं।

घटना के बाद गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने आनन-फानन में प्रमिला देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौसा पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जिस मां ने उम्रभर परिवार को जोड़े रखने की कोशिश की, उसकी विदाई इस तरह होगी यह किसी ने नहीं सोचा था।
उधर घटना की सूचना मिलते ही चौसा थाना अध्यक्ष रवि कुमार पासवान एवं एएसआई शैलेंद्र कुमार रंजन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आरोपी महिला राजो देवी को हिरासत में लिया गया है तथा एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। थानाध्यक्ष रवि कुमार पासवान ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी होते थे विवाद, कई बार बैठी थी पंचायत : ग्रामीणों के अनुसार, परिवार में पूर्व से तनाव की स्थिति बनी रहती थी। सामाजिक स्तर पर कई बार पंचायत बैठी और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन शायद किसी ने यह नहीं सोचा था कि घरेलू कलह एक दिन ऐसी भयावह त्रासदी का रूप ले लेगी।
बेटे पंजाब में, मां जी रही थी सहारे की जिंदगी : बताया जाता है कि लगातार पारिवारिक विवाद के कारण प्रमिला देवी अपनी बड़ी बहू के साथ रहकर जीवनयापन कर रही थीं। मृतका के दोनों पुत्र कई महीनों से रोजी-रोटी की तलाश में पंजाब में मजदूरी कर रहे हैं। जिस मां ने बेटों को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसकी मौत की खबर अब उनसे सैकड़ों किलोमीटर दूर पहुंच गई।














