मधेपुरा (ब्यूरो रिपोर्ट)/ लोक देव सोनाय महाराज के जन्मस्थली बेलारी में आयोजित होने वाले सोनाय महोत्स को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने की मांग पर मधेपुरा की प्रभारी मंत्री सह विज्ञान एवं प्रोद्योगकी मंत्री, बिहार सरकार श्रीमती शीला कुमारी मंडल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने के लिए हर संभव मदद करने का भरोषा दिया है |
केवट समाज के लोक देवता सोनाय महाराज के जन्मस्थली मधेपुरा जिला के कुमारखंड प्रखंड के बेलरी गांव में राजकीय सोनाय महोत्सव के आयोजन की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस मांग को जमीन पर उतारने के लिए सोनाय एकलव्य चेतना परिषद के द्वारा प्रभारी मंत्री श्रीमती शीला मंडल का बेलारी स्थित बाबा सोनाय महाराज के मंदिर पर भव्य स्वागत किया गया। यहां केवट समाज के बुद्धिजीवी और नेताओं ने श्रीमती मंडल से हर वर्ष होने वाले सोनाय महोत्सव को राजकीय दर्ज दिलाने की मांग की। वही जिला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति मधेपुरा के बैठक में भी सोनाय महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा देने, उदाकिशुनगंज प्रखंड के ग्राम पंचायत मधुबन में पंचायत सरकार भवन बनाने सहित जनहित के अन्य मुद्दों को बीस सूत्री सदस्य सह सोनाय एकलव्य चेतना परिषद् के अध्यक्ष रामकृष्ण मंडल ने प्रमुखता से रखा।

इस मुद्दे पर प्रभारी मंत्री श्रीमती शीला कुमारी उर्फ शीला मण्डल ने जिला पदाधिकारी मधेपुरा अभिषेक रंजन से यथोचित पहल करने का निर्देश दिया। वहीं बेलरी में भी श्रीमती शीला मंडल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सोनाय महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा जरूर मिलेगा इसके लिए हुए हर संभव सहयोग किया जाएगा। बेलारी में आयोजित सम्मान समारोह में अति पिछड़ा समाज के बड़े नेता एवं जदयू के पूर्व प्रदेश महासचिव ई. शैलेंद्र मंडल का भी लोगों ने स्वागत किया। इस मौके पर ई. श्री मंडल ने अति पिछड़ा समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने हक और अधिकार की बातों को मजबूती से उठाने की बात कही, उन्होंने कहा कि सोनाय महाराज केवट समाज के लोक देवता हैं । इस समाज संख्या भारत और पड़ोसी देश नेपाल में 5 करोड़ से अधिक है। हर साल लाखों लोग उनके जन्मस्थल पर आते हैं। बाबा अतिपिछड़ा समाज के धरोहर हैं। इसलिए उनको उचित सम्मान मिलना जरूरी है।
कार्यक्रम में नेता महेंद्र पटेल, नरेश पासवान, नीरज कुमार हरेंद्र मंडल, दानी मंडल, प्रीतम मंडल मधुबन मुखिया श्रीमती पूजा कुमारी आदि उपस्थित थे।














