मधेपुरा। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में मधेपुरा शहर के वार्ड संख्या-4 निवासी शुभम सुमन ने शानदार सफलता हासिल करते हुए राजस्व पदाधिकारी (Revenue Officer) पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से पूरे परिवार, मोहल्ले और जिले में खुशी का माहौल है। शुभम को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। लोग उन्हें फूल-माला पहनाकर सम्मानित कर रहे हैं तथा मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं।

शुभम सुमन, वार्ड संख्या-4 निवासी व्यवसायी संतोष कुमार सुमन के पुत्र हैं। उनकी माता सरकारी सेवा में लेडी सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। शुभम की इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लोगों में गर्व का माहौल है।
शुभम की प्रारंभिक शिक्षा काफी उत्कृष्ट रही है। उन्होंने वर्ष 2011 में विद्या बिहार, पूर्णिया से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2013 में मिथिला पब्लिक स्कूल, फारबिसगंज (अररिया) से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी (IMU), कोलकाता से वर्ष 2020 में बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद शुभम ने लगभग दो वर्षों तक जहाज (शिप) पर नौकरी भी की। हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने नौकरी के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी। बाद में उन्होंने वर्ष 2021 से 2023 के बीच जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय संबंध (International Relations) विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर शुभम ने BPSC की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर राजस्व पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।
परिवार के अन्य सदस्य भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। शुभम के छोटे भाई समीर सुमन वर्तमान में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर से एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे हैं।

शुभम की सफलता पर परिजनों, मित्रों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। घर पर लगातार लोगों का आना-जाना लगा हुआ है और पूरे परिवार में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
शुभम सुमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है















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