मधेपुरा। मधेपुरा जिले में 25 फरवरी 2026 की रात मधेपुरा थाना एवं भर्राही थाना क्षेत्र में हुई दो सनसनीखेज घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जो लगातार इन मामलों की जांच और छापेमारी में जुटी हुई थी।
पुलिस को 10 मार्च 2026 की रात करीब 1:15 बजे गुप्त सूचना मिली कि भर्राही थाना क्षेत्र के महेशुआ से बरमोत्तर जाने वाली कच्ची सड़क पर कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की और पांच अपराधियों को हथियार एवं लूटे गए सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान विकास कुमार (22 वर्ष), निवासी हनुमान नगर चौरा वार्ड-17, थाना भर्राही; मनखुश कुमार (22 वर्ष), निवासी विशनपुर वार्ड-07, थाना कुमारखंड; गुलशन कुमार (20 वर्ष), निवासी तुलसीबाड़ी वार्ड-07, थाना मधेपुरा; सत्यम कुमार (17 वर्ष), निवासी चन्दनपुर वार्ड-08, थाना मधेपुरा; तथा मो. इश्तियाक (33 वर्ष), निवासी पोखरिया टोला वार्ड-08, थाना श्रीनगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके पास से दो देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल, सात मोबाइल फोन, 5,500 रुपये नगद तथा वारदात में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद किया है।
पूछताछ के दौरान अपराधियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य अजय कुमार ने मधेपुरा कॉलेज चौक स्थित एक किराना दुकानदार की दो दिनों तक रेकी की थी। 24 फरवरी को तय योजना के अनुसार पांचों आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर दुकान पहुंचे और सिगरेट-गुटखा मांगने के बहाने लूटपाट की कोशिश की। दुकानदार के विरोध करने पर विकास कुमार ने उसे गोली मार दी, जिसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
अपराधियों ने यह भी स्वीकार किया कि गोलीकांड के बाद वे सभी बिरैली बाजार पहुंचे, जहां पूर्व निर्धारित योजना के तहत तेजनारायण गुप्ता के घर के पिछले हिस्से से घुसकर उन्हें और उनकी पत्नी को हथियार के बल पर बंधक बना लिया। इसके बाद घर से नकदी और जेवरात लूटकर फरार हो गए। बाद में रायभीड़ चौक के पास लूटे गए सामान का आपस में बंटवारा कर सभी अपने-अपने ठिकानों की ओर चले गए।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।














