मधेपुरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में मानव व्यापार पर शनिवार को जागरुकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रधान जिला जज गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने कहा कि मानव व्यापार एक सामाजिक बुराईयां है, इससे बचने के लिए लोगों में जागरुकता जरुरी है। उन्होंने कहा कि लोगों को धोखे, लालच या जबरदस्ती से बेचने या गलत कामों में लगाने को मानव तस्करी कहते हैं। अनजान लोगों पर भरोसा नहीं करने, बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने और कहीं भी संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को देने पर बल दिया। प्रधान जिला जज ने अपना दस्तावेज सुरक्षित रखने, सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी जरुरत से ज्यादा साझा नहीं करने, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने और अविश्वनीय प्रस्तावों से सावधान रहने की बातें कहीं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह सीनियर जज पूजा कुमारी साह ने प्रधान जिला जज का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मानव व्यापार के लिए आसान लक्ष्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्र, बाढ़-सूखा प्रभावित क्षेत्र, आदिवासी, महादलित समुदाय और आर्थिक रुप से कमजोर परिवार रहता है। डीएलएसए सचिव ने कहा कि नौकरी या शादी का झूठा लालच, बच्चों या महिलाओं को अचानक कहीं ले जाना, पहचान पत्र छीन लेना या किसी को जबरन काम करवाना भी मानव व्यापार है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साईबर सेल सह नोडल पदाधिकारी के डीएसपी आशीष राज ने कहा कि हर 8 मिनट में देश में एक बच्चा गायब होता है,जो मानव व्यापार का शिकार होता है। उन्होंने कहा कि हर दिन देश में 170 से ज्यादा लड़कियां गायब हो रही है। उन्होंने कहा कि मानव व्यापार मामले में उड़ीसा और महाराष्ट्र के बाद बिहार तीसरे नंबर पर है। डीएसपी ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र मानव व्यापार के मामले में ज्यादा संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि प्यार का झांसा देकर, लालच दिखाकर मानव व्यापार का जाल बुना जाता है।

प्रशिक्षक मो. जाहिद हुसैन ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की भर्ती, परिवहन, स्थानांतरण, शरण देने या प्राप्त करते हैं तो वह मानव व्यापार कहलाता है। नकली विवाह, व्यवसायिक यौन शोषण, कोख उधार देना, घरेलू कामगार, मसाज पार्लर, नेटवर्किंग बिजनेस आदि मानव व्यापार का माध्यम है, जिससे बचना आवश्यक है। मौके पर सीजेएम नूतन कुमारी, मधेपुरा क्रिश्चियन अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. आशीष अब्राहम, प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेटर जॉनसन, अधिवक्ता, पीएलवी सहित अन्य ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

मौके पर कोर्ट कर्मी राकेश कुमार सिंह, राजकुमार पासवान, अजीत कुमार, निशिकांत कुमार, गौतम, बीरेन्द्र आदि कर्मी मौजूद रहे।