अफजल राज/ आलमनगर,मधेपुरा। आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से राजद नेता नवीन कुमार निषाद ने सड़क एवं कटाव निरोधी निर्माण कार्य में कथित अनियमितता के मामले को लेकर राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वाले संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
बुधवार को जारी अपने बयान में नवीन कुमार निषाद ने कहा कि कोसी नदी के कटाव निरोधी निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता ने भी निर्माण में गड़बड़ी स्वीकार करते हुए उसे हटाने की बात कही थी। इसके बावजूद संवेदक और कथित रूप से संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में विरोध करने वाले नीतीश पटेल और गौरव पासवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई तथा नीतीश पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
राजद नेता नवीन निषाद ने बताया कि उन्होंने इस मामले में जिला पदाधिकारी से दूरभाष पर बातचीत की थी। उनके अनुसार, जिला पदाधिकारी ने संबंधित दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेजने को कहा था, जिसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार उजागर करने वालों पर ही कार्रवाई होना न्यायसंगत नहीं है।
नवीन निषाद ने प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आवेदन पर 2 अगस्त की तिथि अंकित है, जबकि प्राथमिकी 4 अगस्त को दर्ज की गई। साथ ही आवेदन के अंत में 31 जुलाई 2026 की घटना तिथि जोड़े जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सोनामुखी थाना कांड संख्या 94/26 की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि रंगदारी मांगने के आरोप के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा निर्दोष लोगों को राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही कार्रवाई होगी तो भविष्य में लोग शिकायत करने से डरेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से न्याय सुनिश्चित होगा और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।















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