मधेपुरा/ शहर के महर्षि मेंही नगर, वार्ड नं०-05 स्थित संतमत सत्संग मंदिर में महर्षि वेदव्यास जयंती एवं गुरु पूर्णिमा समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा निवृत्त शिक्षक शिवनारायण साह एवं गजेंद्र यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास को पूर्ण गुरु और विश्व गुरु के रूप में जाना जाता है। इसी दिन को आषाढ़ पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास महान ज्ञानी, ध्यानी और दूरदर्शी संत थे। उन्होंने महाभारत की रचना की और वेदों को चार भागों में विभक्त किया। उनके द्वारा रचित ग्रंथों को जीवन में उतारने से जीव जगत का कल्याण होता है।

इस मौके पर अखिल भारतीय संतमत सत्संग के पूर्व महामंत्री प्रो० विन्देश्वरी प्रसाद यादव ने कहा कि गुरु ही जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास एक प्रचंड-दीप्यमान नक्षत्र थे जिन्होंने वैदिक ज्ञान को फैलाया। उन्हीं के कारण आज हम महाभारत, पुराणों और अन्य धर्म ग्रंथों का ज्ञान प्राप्त कर पा रहे हैं। गुरु की कृपा से ही मानव जीवन सफल होता है।

कार्यक्रम में सुजीत मेहता, मुकेश कुमार, सोहनलाल गुप्ता, निरंजना देवी, भारत साह, मधुलता, प्रेमलता, सुनीता देवी,आशा देवी, पांडव कुमार, सरोवर साह, देवांशु, फूलकुमारी, सदानन्द मेहता, आभादेवी,श्यामदेव साह, वीणादेवी, राजेन्द्र साह सत्यनारायण साह आदि ने भाग लिया और गुरु के चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया।