मधेपुरा (बबलू कुमार)/ भारतीय जन नाट्य संघ “इप्टा ‘ मधेपुरा का ग्रीष्मकालीन 21 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन मधेपुरा महिला कॉलेज के सभागार में श्री कृष्णा विश्वविद्यालय के कुलपति एवं मधेपुरा कॉलेज के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ने किया। इस मौके पर इप्टा के संरक्षक डॉक्टर अरुण कुमार एवं डॉक्टर विनय कुमार चौधरी, जगजीवन आश्रम मध्य विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती चंदा कुमारी मौजूद रही।

कार्यशाला में शामिल बच्चे |

अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. अशोक कुमार ने बच्चों के बीच सांस्कृतिक कार्यशाला को लेकर कई उत्सवर्धक बातें कहीं उन्होंने कहा कि आज के भूमंडलीकरण के दौर में हर चीज लोगों के पहुंच के भीतर है। जरूरत है यह तय करने की कि क्या उसके उपयोग की है और क्या नहीं। उन्होंने बच्चों के बीच मोबाइल के बढ़ते चलन पर कहा कि आज मोबाईल एक नशे का रूप ले रहा है उसमें बेहतर जानकारी के साथ-साथ हमारी पीढ़ी को बर्बाद करने की भी शक्ति है । ऐसे में बच्चों के बीच इस तरीके की कार्यशाला अवकाश के दौरान काफी सराहनीय है। उद्घाटन में बच्चों को संबोधित करते हुए संरक्षक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि छुट्टी के समय में जब बच्चे अपने मोबाइल में व्यस्त रहना ज्यादा पसंद करते हैं और रहते हैं उस स्थिति में इस कार्यशाला में इतनी संख्या में बच्चों की उपस्थिति एक सकारात्मक संदेश देती है, उन्होंने कहा कि कला अपने काम को बेहतर तरीके से करने का नाम है आप किसी भी क्षेत्र में कोई भी कम करें और वह काम अधिक से अधिक बेहतर और आकर्षक तरीके से हो यही कला है। संरक्षक डॉक्टर विनय कुमार चौधरी ने कहा कि आज के सांस्कृतिक प्रदूषण के दौर में नाट्य कार्यशाला में बच्चों की भागीदारी मन को सुकून देने वाला है। उन्होंने कहा कि आज एआई के दौर में मौलिकता को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है। मधेपुरा जगजीवन आश्रम मध्य विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती चंदा कुमारी ने इप्टा द्वारा आयोजित निशुल्क 21 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला के आयोजन के लिए इप्टा को धन्यवाद प्रेषित किया, उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय के बच्चों को सांस्कृतिक गतिविधि के लिए इससे एक बेहतर माहौल मिलेगा। कार्यशाला में इप्टा के प्रदेश सचिव सुभाष चंद्र, प्रशिक्षक शकील आलम, कोषाध्यक्ष तुरवसु आदि मौजूद रहे |