मधेपुरा/ नगर परिषद क्षेत्र के चैती दुर्गा चौक पर गुरुवार को बड़े ही तामझाम, कैमरों की चमक और अधिकारियों की मौजूदगी के बीच मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल का उद्घाटन किया गया था। नगर परिषद की मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी ने फीता काटकर आश्रय स्थल को औपचारिक रूप से शुरू किया था। उद्घाटन के दौरान पांच बुजुर्गों को भी दिखावे के तौर पर वहां लाया गया था, लेकिन यह चमक-दमक सिर्फ कुछ घंटों की मेहमान निकली। उद्घाटन के महज 24 घंटे बाद ही हकीकत सामने आ गई। शुक्रवार की रात जब हमारी टीम ने वृद्धजन आश्रय स्थल का वास्तविक हाल जानने के लिए मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, तो आश्रय स्थल पर ताला लटका मिला। अंदर कोई कर्मचारी, कोई प्रबंधन और यहां तक कि दिखावे के समय मौजूद कराए गए बुजुर्ग भी नजर नहीं आए। इतना ही नहीं, जीविका द्वारा संचालित रसोई भी बंद पड़ी थी। उद्घाटन के बाद ही आश्रय स्थल में ताला लटकना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।