सिंहेश्वर,मधेपुरा/ बाबा भोले की नगरी सिंहेश्वर धाम में पहली सोमवारी को डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया. बताया गया कि श्रद्धालुओं का रविवार देर रात से ही छोटे एवं बड़े गाड़ियां भर- भर कर आना सोमवार शाम तक चलता रहा. भीड़ ज्यादा होने की आशंका को देखते हुए पंक्तिबद्ध भक्तों के लिये बाबा के गर्भ गृह का पट लगभग ढाई बजे डीएम सह सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति अध्यक्ष अभिषेक रंजन, पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह, डीडीसी सह सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति सचिव अनिल बसाक, एडीएम अरुण कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रवेंद्र भारती, अनुमंडल पदाधिकारी संतोष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी, सीओ नवीन कुमार सिंह सहित अन्य को पुजारी संजीव ठाकुर उर्फ मुन्ना बाबा और कन्हैया बाबा के द्वारा सरकारी पूजा करवाने के बाद पट खोल दिया गया.

बाबा का पट खुलने से पूर्व व पट खुलने के बाद बोल बम व हर हर महादेव की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गुंज उठा. जिस वजह से बाबा मंदिर परिसर सहित पुरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया. दुर- दराज व कई स्थानीय श्रद्धालु बाबा मंदिर पहुंचने के साथ ही शिवगंगा में स्नान कर पुजा- अर्चना करने में जुटे रहे. जबकि कई श्रद्धालुओं द्वारा स्थानीय पुजारी द्वारा जल- फुल का संकल्प करा कर पूजा- अर्चना की गई. पूजा के दौरान श्रद्धालु नंदी भगवान से आशीर्वाद मांगने से नही चुके. हालांकि यह शौभाग्य सिर्फ महिला श्रद्धालु को ही मिल पाया. क्योंकि पुरुष श्रद्धालु के कतार को नंदी बाबा से दूर रखा गया है. बाबा का पट खुलने के बाद से सुबह लगभग सात बजे तक महिला व पुरुष श्रद्धालुओं से संख्या काफी ज्यादा रही.


पंडाल के वजह से मिली राहत – बाबा मंदिर के आगे बेरिकेटिंग के ऊपर न्यास समिति के द्वारा लगाए गए भव्य पंडाल के वजह से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली. क्योंकि पंडाल में बरसात से तो बचा जा ही सकता है और इसमें गर्मी से बचने के लिए कई पंखे और कुलर भी लगाए गए है. वैसे उमस भरी गर्मी में श्रद्धालुओं का दिन भर पूजा करना चलता रहा. लगभग 11 बजे तक धूप भी कम ही हुई थी. जिस वजह से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली. जिसके बाद धूप ने विकराल रूप ले लिया था.

लगातार होती रही माईकिंग – देवाधिदेव की नगरी में पुजा- अर्चना करने के लिये काफी दुर- दुर से श्रद्धालुओं का जत्था दिन भर पहुंचता रहा. किसी भी श्रद्धालु के साथ किसी प्रकार की अनहोनी न हो इसके लिये लगातार माइकिंग किया जाता रहा था. माइकिंग में किसी भी प्रकार के आभुषण पहन कर मंदिर परिसर में नही जाने की हिदायत दी जा रही थी. जबकि खोये हुये बच्चों के साथ स्नेह बनाते हुये पुलिस को सुचना देने की बात कही जा रही थी.

तैनात रहे अधिकारी – देवाधिदेव महादेव की नगरी व मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिये जिले के आलाधिकारी सहित कई पदाधिकारी लगातार निगरानी बनाये हुये थे. पुरे क्षेत्र में अलग- अलग जगहों पर तैनात पुलिस बल के साथ एक दण्डाधिकारी व एक पुलिस पदाधिकारी को तैनात किया गया था. वहीं मंदिर परिसर में भी दर्जनों अधिकारी सहित जिले के वरीय पदाधिकारी लगातार नजर बनाये हुये थे. मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिये दर्जनों सीसीटीवी कैमरे से निगरानी न्यास के नियंत्रण कक्ष में लगे मॉनिटर से किया जा रहा था. मंदिर परिसर में पर्याप्त महिला व पुरूष पुलिस बल को तैनात किया गया था. जबकि अकेले गर्भ गृह के दोनों गेट पर आधे दर्जन से अधिक पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. जबकि इस दौरान स्थानीय युवकों ने भी स्थिति को संभाले रखा.

मेडिकल टीम कर रही है कैंप– देवाधिदेव महादेव की पुजा- अर्चना के लिये लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु के लिये मेडिकल टीम मंदिर परिसर में कैंप कर रही है. लाखों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु के साथ किसी प्रकार की घटना को भी झुठलाया भी नही जा सकता है. इसी वजह से एम्बुलेंस सहित मेडिकल टीम को मंदिर परिसर में तैनात किया गया है. मेडिकल टीम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार, अस्पताल प्रबंधक पीयूष वर्धन, ईएमटी अनिल कुमार, आतिफ रियाज़ी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे. और श्रद्धालुओं का सेवा करते रहे.

खचाखच भरा रहा मंदिर परिसर- सावन की पहली सोमवारी होने के कारण पुरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा. स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी पहली सावन की सोमवारी में काफी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज की. वहीं न्यास के द्वारा बताया गया कि पहली सोमवारी में काफी भीड़ हुई है जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि अगली सोमवारी को श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख के पार हो जायेगी. वहीं सावन की प्रथम सोमवारी को पड़ोसी देश नेपाल सहित सुपौल, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, पुर्णिया, दरभंगा, निर्मली, सिमराही आदि जगहों के श्रद्धालु काफी संख्या में पुजा के लिये सिंहेश्वर पहुंचे.

सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दिया दण्ड प्रणाम– सावन माह में दण्ड प्रणाम देने वाले श्रद्धालु की संख्या काफी ज्यादा होती है लेकिन सावन का प्रथम सोमवार होने के कारण सैकड़ों महिला, पुरूष सहित बच्चों ने शिवगंगा में स्नान कर शिवगंगा से बाबा के गर्भ गृह तक दण्डवत करते हुये गये और बाबा को प्रणाम किया. और फिर पुजा- अर्चना की. कई ऐसे भी श्रद्धालु थे जो विकलांग होने के बावजुद दण्ड प्रणाम दे रहे थे. वहीं शिवगंगा में किसी प्रकार की अनहोनी न हो इसके लिए पुलिस बल को भी शिवगंगा पर तैनात किया गया है. इस बार प्रशासनिक व्यवस्था के कारण दंड प्रणाम वाले श्रद्धालु को लगभग कई घंटे तक काफी मेहनत करनी पड़ी. क्योंकि मुख्य गेट पर तैनात अधिकारी और पुलिस बल दंड प्रणाम वाले श्रद्धालु को मेन गेट पर ही रोक दिया. जिस वजह से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बाद में स्थानीय लोगों के पहल पर इस मामले को हल कर दिया. जिस वजह से बाद में श्रद्धालु को आसानी हुई.

सजी है फुलों की दुकान -सावन महिना आते ही दर्जनों फुल विक्रेता के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है कि उनका फुल का व्यवसाय अच्छा चलेगा. सावन माह में सिंहेश्वर बाबा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होती है. जिसे फुल विक्रेता विभिन्न प्रकार के फुल बेचकर अपना और अपने परिवार का गुजर बसर करते है. इस वजह से सभी फुलों की दुकान को श्रद्धालुओं के लिये सजा दिया गया है.
इस वर्ष लगाया गया है मेला –देवाधिदेव महादेव की पुजा- अर्चना के बाद लोगों का हुजुम मेला परिसर तक पहुंचता था. जहां दो वर्षों से मेला का आयोजन नहीं किया जा रहा था. इस वर्ष मेला का आयोजन किया गया है. जिसमें दर्जनों दुकानदारों ने अपना दुकान खोला हुआ है. कई वर्षों से मेला नहीं लगने के वजह से मेला लुत्फ नहीं उठाते थे. इस बार पूजा के बाद श्रद्धालु जमकर मेला का आनंद ले रहे है. वहीं मेला में जागरण टीम को परमिशन नहीं मिलने के वजह से वे सभी परेशान है.

स्थानीय संस्थाओं ने निभायी भूमिका– देवाधिदेव महादेव की पूजा- अर्चना के लिये जहां मंदिर परिसर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते है. इन लाखों श्रद्धालुओं के लिये दर्जनों युवा लगातार मेहनत करते रहते है. जिस वजह से श्रद्धालओं को परेशानी नही होती है. इस कार्य में दो संस्था श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन, युवा संघ लगातार इस प्रकार से श्रद्धालुओं की सेवा करती आ रही है. इस संस्था के रहने के वजह से प्रशासन को भी काफी राहत मिलती है. वहीं इस वर्ष मंदिर के मुख्य गेट पर श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के द्वारा भव्य स्टॉल लगाया गया है. इस संस्था ने स्टॉल लगाकर गर्म पानी, शर्वत, ग्लूकोज़ पानी ,नींबू पानी, दर्द निवारक स्प्रे, ठंडा पानी, ठंडा तेल उपलब्ध कर सेवा में जुटे रहे. वहीं फाउंडेशन के भास्कर कुमार निखिल, सागर यादव, आदि मौजूद थे.

शिवगंगा में आस्था की डुबकी, फिर बाबा के दरबार में जलाभिषेक- अहले सुबह से ही श्रद्धालु पहले पवित्र शिवगंगा पोखर में स्नान कर हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और दूध लेकर बाबा सिंहेश्वरनाथ के दर्शन के लिए कतारबद्ध होते रहे. महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग- अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी. जिससे दर्शन और जलाभिषेक की प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रही.

दूधिया रोशनी और भव्य सजावट ने मोहा मन- श्रावणी मेले के अवसर पर इस वर्ष बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर को रंग- बिरंगी विद्युत झालरों, आकर्षक पुष्प सज्जा और दूधिया रोशनी से विशेष रूप से सजाया गया था. रात के समय जगमगाता मंदिर अलौकिक छटा बिखेरता रहा. श्रद्धालु दर्शन के साथ- साथ इस दिव्य दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए.