डॉ. मनीष मंडल ने दी स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह, कहा- इम्यूनिटी बढ़ाएं और एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक इस्तेमाल से बचें
मधेपुरा। कोसी-सीमांचल क्षेत्र में हार्ट और लंग्स (फेफड़े) से संबंधित बीमारियों के मरीजों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। प्रदूषण, धूम्रपान और खानपान में लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में लोगों को अपनी जीवनशैली में सुधार करने और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। ये बातें एएसआई बिहार चैप्टर के सचिव सह आईजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने रासबिहारी नगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि जनवरी 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक आईजीआईएमएस में पूरे बिहार से कुल 52,735 मरीज भर्ती हुए। इनमें लगभग पांचवां हिस्सा कोसी-सीमांचल क्षेत्र के विभिन्न जिलों के मरीजों का था। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़े उद्योग और कारखाने नहीं होने के बावजूद प्रदूषण का बढ़ता स्तर चिंता का विषय है। प्रदूषण के कारण सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, धूम्रपान भी फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि घर से बाहर निकलते समय वायु प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही खानपान पर विशेष ध्यान दें और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें। उन्होंने कीवी जैसे फलों के सेवन को भी पौष्टिक आहार का हिस्सा बनाने की सलाह दी।
बाहरी खानपान और दवाओं के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
डॉ. मनीष ने कहा कि बाहर मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाले रसायनों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। अस्वच्छ या मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने की अपील करते हुए कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना इन दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक दवाएं सामान्यतः प्रभावी नहीं होती हैं। वहीं, एलर्जी से संबंधित समस्याओं में भी दवा का इस्तेमाल चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर ही करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरण और जीवनशैली के बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की जरूरत है। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।














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