मधेपुरा/ पैट -21(शिक्षाशास्त्र) की 23-31 मई 2023 को होने वाली साक्षात्कार (वायवा) अभी तक नहीं होने पर वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के पूर्व विश्वविद्यालय प्रभारी डॉक्टर हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव को पत्र लिख कड़ी नाराजगी जताई है और पूछा है साहब यह कैसी व्यवस्था है जहां साक्षात्कार पर बिना किसी कारण को बताए 26 मई 2023 को एक एक नोटिस जारी कर अगली तिथि में साक्षात्कार लेने की सूचना दी जाती है उस नोटिस के तीन साल चार महीने गुजर जाने के बाद भी वो अगली तिथि जारी नहीं हो पाई है यह आश्चर्यजनक घटना ही नहीं है बल्कि विश्विद्यालय की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह भी है इतने इंतजार के बाद अगर पासआउट छात्र बगावत नहीं कर रहे तो यह उनकी महानता है।
बिना किसी कारण के शिक्षाशास्त्र के पैट उतीर्ण छात्रों को बना दिया गया बलि का बकरा : विश्वविद्यालय की इस हरकत पर तंज कसते हुए एवं पूरे मामले पर विस्तार से बताते हुए डॉक्टर राठौर ने कहा कि पैट -21 की साक्षात्कार 23-31 मई 2023 को होना था अन्य सभी विषयों में निर्धारित समय पर वायवा हुआ भी लेकिन अचानक 26 मई 2023 को तत्कालीन प्रोफेसर इंचार्ज के हस्ताक्षर से जारी नोटिस में PAT -21(शिक्षाशास्त्र) की 23-31 मई 2023 को होने वाली साक्षात्कार अगली तिथि तक के लिए स्थगित करते हुए कहा गया कि अद्यतन सूचना बेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।लेकिन दुखद और शर्मनाक रहा कि उक्त नोटिस के तीन साल चार महीने गुजर गए लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय स्तर से नई तिथि नहीं जारी हुई ।दूसरी ओर अन्य विषयों में शोधार्थियों का शोध कार्य अंतिम दौर में आ चुका है ।यह न सिर्फ शिक्षाशास्त्र में पीएचडी की चाह रखने वाले युवाओं के साथ घिनौनी मजाक रही बल्कि उनके अति महत्वपूर्व तीन साल से अधिक का समय भी बर्बाद भी हुआ जिसकी भरपाई किसी कीमत पर नहीं हो सकती है।
राठौर ने लिखे पत्र में कुलपति से मांग किया है कि पैट-21(शिक्षाशास्त्र) पासआउट छात्रों के लिए आगे की प्रक्रिया अविलंब अपनाई जाए साथ ही पूर्व छात्र नेता डॉक्टर राठौर ने यह भी आग्रह किया है कि विश्वविद्यालय में ऐसे फैसले न लिए जाएं जिसमें बच्चों का भविष्य बर्बाद हो और विश्वविद्यालय की साख भी हल्की दिखने लगे।















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