मधेपुरा/ बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने शनिवार को मधेपुरा दौरे के दौरान राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि परिमार्जन, जमाबंदी और म्यूटेशन के नाम पर जनता से उगाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
राजस्व विभाग में चल रही कार्रवाई का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग संभाले उन्हें अभी करीब 30 दिन ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही 60 से अधिक अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी पाए जाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री ने अपने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि विभाग में लापरवाही और भ्रष्टाचार करने वालों का “बिना दर्द वाला ट्रीटमेंट” शुरू हो चुका है। उन्होंने संकेत दिया कि आगे भी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को परिमार्जन, जमाबंदी, म्यूटेशन और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें बिना रिश्वत के समय पर सेवाएं मिलें, इसके लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है।
मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा,
“परिमार्जन और जमाबंदी-म्यूटेशन के नाम पर उगाही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। मुझे विभाग संभाले अभी 30 दिन हुए हैं और इस दौरान 60 से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के साथ अन्याय करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विभाग में अब कोई जगह नहीं है तथा जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।















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