• Education
  • राज्य स्तरीय बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम में मधेपुरा की दो परियोजनाओं का चयन, जिले का बढ़ा मान

    मधेपुरा। मधेपुरा जिले के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि राज्य स्तरीय द्वितीय बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम–2025 में जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह कार्यक्रम 30 एवं 31 दिसंबर 2025 को श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र, पटना में आयोजित किया


    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    मधेपुरा। मधेपुरा जिले के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि राज्य स्तरीय द्वितीय बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम–2025 में जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह कार्यक्रम 30 एवं 31 दिसंबर 2025 को श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र, पटना में आयोजित किया गया था, जिसमें पूरे बिहार से चयनित 30 परियोजनाओं में से मधेपुरा जिले की दो परियोजनाओं का चयन हुआ।

    इस कार्यक्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चकला के कक्षा 8 के छात्र शिवम कुमार एवं नेहा कुमारी ने अपनी शोध परियोजना का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया। इन विद्यार्थियों का मार्गदर्शन आनंद विजय (इनोवैशन कोच, अल्स्टॉम) द्वारा किया गया। वहीं उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, रेशना (ग्वालपाड़ा) की कक्षा 9 की छात्राएँ प्रतिमा एवं प्रिया कुमारी भी चयनित रहीं, जिनका मार्गदर्शन सोनी कुमारी ने किया।

    उल्लेखनीय है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चकला में अल्स्टॉम के सहयोग से स्थापित STEM लैब विद्यार्थियों के लिए शोध, नवाचार और प्रायोगिक शिक्षा का सशक्त केंद्र बनकर उभरी है। यह लैब बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, समस्याओं की पहचान करने और समाधान आधारित परियोजनाएँ तैयार करने में निरंतर सहायक सिद्ध हो रही है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम राज्य स्तर पर बच्चों की सफलता के रूप में सामने आया है।

    विद्यालय के प्रधानाचार्य ब्रिन्देश कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता विद्यालय के विज्ञान शिक्षक मुरारी कुमार, अल्स्टॉम के आनंद विजय के सतत मार्गदर्शन तथा विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और संसाधन मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

    अल्स्टॉम के IR Head सैयद मोहिब हुसैन ने कहा कि बाल वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि जब बच्चों को सीखने, समझने और प्रयोग करने का सही मंच मिलता है, तो वे बड़ी सोच के साथ आगे बढ़ते हैं। अल्स्टॉम शिक्षा और नवाचार से जुड़े ऐसे प्रयासों को आगे भी प्रोत्साहित करता रहेगा।

    वहीं साइंस फॉर सोसाइटी, बिहार के जिला सह-क्षेत्रीय समन्वयक कृष्ण कुमार ने इसे मधेपुरा जिले की शैक्षणिक प्रगति का स्पष्ट प्रमाण बताया। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चयनित विद्यार्थियों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे मधेपुरा जिले के लिए गौरव की बात है। ऐसी उपलब्धियाँ अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

    परियोजनाओं के चयन से विद्यालय परिवार और समाज में खुशी की लहर है। सभी चयनित विद्यार्थियों, शिक्षकों और सहयोगी संस्थाओं को इस उल्लेखनीय सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    प्रतिमाह ₹.199/ - सहयोग कर कोसी टाइम्स को आजद रखिये. हम आजाद है तो आवाज भी बुलंद और आजाद रहेगी . सारथी बनिए और हमें रफ़्तार दीजिए। सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    Prashant Kumar Avatar
    इस खबर पर आपकी कोई शिकायत या सुझाव हो तो हम तक अपनी बात पहुंचाये । मेल करें [email protected].
    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।