मधेपुरा। बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सोमवार को युवा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मधेपुरा के भूपेंद्र चौक पर भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह का पुतला जलाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बाढ़ से आम जनता परेशान है। ऐसे समय में सरकार को राहत और बचाव कार्य पर ध्यान देना चाहिए, न कि पीड़ितों की मदद करने वालों पर सवाल उठाना चाहिए।
दरअसल, पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पैसे बांटे थे। इस पर भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने सवाल उठाए थे। मंत्री ने कहा था कि पप्पू यादव इतना पैसा कहां से लाते हैं और इसका हिसाब जनता को देना चाहिए। इसी बयान के विरोध में युवा कांग्रेस ने सोमवार को यह पुतला जलाया।
युवा कांग्रेस नेता सौरभ यादव ने कहा कि बिहार की जनता बाढ़ से परेशान है और अपने जनप्रतिनिधियों को ढूंढ रही है। ऐसे समय में पप्पू यादव लगातार गरीब, पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम कर रहे हैं। अपनी जान खतरे में डालकर लोगों की मदद करना उनकी पुरानी पहचान रही है। ऐसे लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के बजाय उनके
सेवा कार्य पर सवाल उठाना गलत है।
सौरभ यादव ने आगे कहा कि आपदा के समय जो व्यक्ति अपने संसाधनों और क्षमता के अनुसार लोगों के बीच भोजन, दवा, कपड़े और अन्य जरूरी सामान पहुंचा रहा है, उसके साथ खड़ा होना चाहिए। सरकार को यह देखना चाहिए कि बाढ़ पीड़ितों तक सरकारी राहत कितनी तेजी और असरदार तरीके से पहुंच रही है। उन्होंने साफ कहा कि जनता को भाषण और बयान नहीं, बल्कि जमीन पर राहत चाहिए। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, दवा, सुरक्षित आने-जाने की व्यवस्था, नाव, पशुओं के लिए चारा और उचित सरकारी सहायता तुरंत की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि बाढ़ की भयंकर स्थिति के बीच जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता जनता के बीच रहकर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करना होना चाहिए।
सवाल किया कि जब लोग संकट में हैं तो जिम्मेदार लोग जनता के बीच कितना समय मौजूद हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या ठोस राहत व्यवस्था की गई है। आपदा के समय राजनीति से ऊपर इंसानियत होनी चाहिए। सरकार समाजसेवा करने वालों के साथ खड़ी नहीं हो सकती तो कम से कम उनके हौसले को कमजोर करने का काम नहीं करे।
नेताओं ने कहा कि युवा कांग्रेस बाढ़ पीड़ितों की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी। सरकार से मांग है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर तेज किया जाए और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक सरकारी सहायता पहुंचाई जाए।
कार्यक्रम में रितेश यादव, निरंजन यादव, सुमित कुमार और नवनीत कुमार ने कहा कि बिहार की जनता भाषण नहीं, काम चाहती है। जनता को बयान नहीं, राहत चाहिए। संकट के समय सवाल उठाने से ज्यादा जरूरी जनता के साथ खड़ा होना है। जो लोग जनता की सेवा के लिए मैदान में हैं, उनका हौसला बढ़ाया जाना चाहिए।















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