मधेपुरा/ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर डीसीआर बिल्डिंग, मधेपुरा में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी बैंकों के ब्रांच मैनेजरों के साथ विद्युत कार्यपालक अभियंता, मधेपुरा एवं विद्युत कार्यपालक अभियंता, उदाकिशुनगंज उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि योजना के तहत लाभुकों को सरल एवं त्वरित ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित कर सकें। अधिकारियों ने बताया कि 3 किलोवाट तक के सोलर प्लांट के लिए ऋण प्राप्त करने हेतु उपभोक्ताओं को केवल कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- बिजली बिल
- स्वामित्व प्रमाण पत्र (स्व-अभिप्रमाणित भी मान्य)
- तकनीकी व्यवहार्यता प्रतिवेदन
- वेंडर कोटेशन
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि बैंक इस योजना के तहत कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम हो और वे सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों।
अधिकारियों के अनुसार, सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर होने वाली लागत की भरपाई शहरी क्षेत्रों में 3 से 4 वर्षों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 वर्षों में हो जाती है, जबकि यह संयंत्र लगभग 25 वर्षों तक सुचारू रूप से कार्य करता है। इससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक सस्ती एवं मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है। योजना के लिए इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल पर जाकर कर सकते हैं: pmsuryaghar.gov.in
मौके पर विद्युत कार्यपालक अभियंता, मधेपुरा अरविंद कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता, उदाकिशुनगंज राजीव रंजन कुमार, तथा कनीय विद्युत अभियंता (शहरी), मधेपुरा सुशील कुमार उपस्थित रहे।
इसके अलावा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों में पीएनबी से शशि रंजन कुमार, बीडीएम बैंक से अमन कुमार सिंह, बीजीबी बैंक से बंधु कुमार, इंडियन बैंक से अजय कुमार, यूको बैंक से प्रशांत कुमार, आईडीबीआई बैंक से मणिकांत कुमार, केनरा बैंक से वसंत कुमार, बंधन बैंक से रितेश गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक से पुष्पराज कुमार, लीड बैंक से दुर्गा प्रसाद, बैंक ऑफ इंडिया से अभिनव कुमार, एसबीआई (एएमसीसी) से सुबोध कुमार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई), मधेपुरा से मुकेश कुमार, तथा एचडीएफसी बैंक, मधेपुरा से पुरुषोत्तम प्रमिल मौजूद थे।














