मधेपुरा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आईसीडीएस, मधेपुरा के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित किए जा रहे आंगन मिलन कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न गतिविधियों के साथ अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक विकास को लेकर अभिभावकों को जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए स्वागत गीत, स्वतंत्र खेल, सहज संवाद, छोटी-छोटी चित्रकलाएं, कहानी, भाषा विकास एवं अभिनय आधारित गतिविधियां कराई गईं।

कार्यक्रम के दौरान माताओं एवं अभिभावकों को स्थानीय भाषा में सरल तरीके से बच्चों के लिए ऊपरी एवं पूरक आहार के महत्व की जानकारी दी गई। छह माह की आयु के बाद बच्चों को मां के दूध के साथ उपयुक्त पूरक आहार देने, विविध एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने तथा बच्चों के समुचित पोषण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अभिभावकों को बच्चों के खान-पान में पौष्टिक एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

इसी कड़ी में बाल विकास परियोजना मधेपुरा अंतर्गत नगर परिषद मधेपुरा के केंद्र संख्या 13, 24, 08, 18, 19 एवं 20 पर आयोजित आंगन मिलन समारोह में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सीमा कुमारी ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया और अभिभावकों से बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने की अपील की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सीमा कुमारी ने कहा कि अन्नप्राशन केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि बच्चे के जीवन में पोषण के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। छह माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ-साथ उपयुक्त पूरक पोषाहार की आवश्यकता होती है। अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर तरीके से हो सके।

उन्होंने कहा कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में सही पोषण उनके विकास की मजबूत नींव तैयार करता है। इसलिए माता-पिता एवं परिवार के सदस्यों को बच्चों के भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

आंगन मिलन कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कहानी, चित्रकला, अभिनय और भाषा विकास से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक अंशु कुमारी, लैंगिक विशेषज्ञ राजेश कुमार, प्रखंड समन्वयक जियाउल हक, महिला पर्यवेक्षिका राधा कुमारी, आंगनबाड़ी सेविका अभिलाषा कुमारी सहित अन्य कर्मी एवं बड़ी संख्या में लाभुक मौजूद रहे।