मधेपुरा। जिले में प्रतिभाओं को मंच देने और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ स्थानीय संगीत प्रेमियों को रिकॉर्डिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से तैयार किया गया कला स्टूडियो इन दिनों अपने ही मकसद से दूर नजर आ रहा है। सदर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय नेहालपट्टी में स्थापित इस कला स्टूडियो का नियमित रूप से उपयोग नहीं होने के कारण संगीत से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

बताया जाता है कि इस स्टूडियो की स्थापना विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें संगीत रिकॉर्डिंग की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के लिए महंगे और उपयोगी वाद्य यंत्र सहित कई उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। लेकिन पर्याप्त तकनीकी व्यवस्था और प्रशिक्षित कर्मियों के अभाव में इन संसाधनों का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है।

जानकारी के अनुसार कला स्टूडियो के निर्माण और संसाधनों पर विद्यालय के छात्र कोष के साथ-साथ शिक्षा विभाग की ओर से भी राशि खर्च की गई है। उम्मीद थी कि स्टूडियो शुरू होने के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ जिले के युवा संगीतकारों और संगीत प्रेमियों को अपनी प्रतिभा रिकॉर्ड करने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

लेकिन स्थिति यह है कि स्टूडियो का उपयोग नियमित तौर पर नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी राशि खर्च कर सुविधा तैयार की गई है तो उसका संचालन भी प्रभावी तरीके से होना चाहिए, ताकि सरकारी संसाधन बेकार न पड़े रहें।

स्टूडियो के संचालन में सबसे बड़ी बाधा रिकॉर्डिंग स्टूडियो को संचालित करने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष व्यक्ति की भी जरूरत है। महंगे उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद यदि उन्हें संचालित करने वाला प्रशिक्षित व्यक्ति नहीं हो तो स्टूडियो का उद्देश्य पूरा होना मुश्किल है। यही वजह है कि तैयार स्टूडियो और उपलब्ध संसाधनों का विद्यार्थियों एवं संगीत प्रेमियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।स्थिति ये है जिस विद्यालय में इसे स्थापित किया गया है वहां संगीत शिक्षक तक नहीं है । जानकार बताते है कि संगीत शिक्षक लिरिक्स या धुन रिकॉर्ड तो नहीं कर सकते लेकिन अगर विद्यालय में संगीत शिक्षक रहेंगे तो छात्रों को कम से इस स्टूडियो के माध्यम से संगीत सिखने के लिए जरुर मिल सकता है ।

जल्द होगी संगीत शिक्षक की तैनाती : जिला शिक्षा पदाधिकारी

इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि कला स्टूडियो को सुचारू रूप से संचालित करने की दिशा में विभाग गंभीर है। विद्यालय में जल्द ही संगीत शिक्षक की तैनाती की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों और युवाओं को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि फिलहाल अक्टूबर के अंत तक शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित विद्यालय में भी संगीत शिक्षक की तैनात किये जायेंगे । शिक्षक के पदस्थापन के बाद कला स्टूडियो को व्यवस्थित तरीके से संचालित कर विद्यार्थियों और संगीत प्रतिभाओं को इसका लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।