पूर्व केंद्रीय मंत्री, सांसद, राष्ट्रीय विचारक और विधान पार्षद हुए शामिल; वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और विरासत से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा
युवाओं से शिक्षा, संविधान और सामाजिक विरासत की रक्षा के लिए आगे आने की अपील
मधेपुरा। जिला मुख्यालय के बीपी मंडल पथ स्थित मंडल परिसर सोमवार को शिक्षा और संविधान की वर्तमान दिशा-दशा पर गंभीर विमर्श का केंद्र बना। कोसी युवा मोर्चा के बैनर तले “शिक्षा और संविधान : दिशा-दशा” विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में पूर्व केंद्रीय मंत्री, लोकसभा सांसद, राष्ट्रीय विचारक, विधान पार्षद, शिक्षाविद, राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव प्रो. सचिंद्र महतो ने की, जबकि कार्यक्रम के संयोजक आनंद मंडल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए परिचर्चा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संविधान पर मंडरा रहे संकट के खिलाफ यह आयोजन संघर्ष का आगाज है।
शिक्षा और संविधान पर प्रहार का लगाया आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि जब सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष की जमीन कमजोर पड़ रही है, ऐसे समय में मधेपुरा से अपनी विरासत पर कथित चोट के खिलाफ उठी आवाज उम्मीद की किरण है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नाम और रंग बदलने की राजनीति के जरिए शिक्षा एवं संविधान को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की पहचान और विरासत को कमजोर करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। पूर्व मंत्री ने आयोजन की सराहना करते हुए संयोजक आनंद मंडल को भरोसा दिलाया कि इस मुहिम को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
एक समान शिक्षा व्यवस्था की मांग
लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां शिक्षा और संविधान के लिए चुनौती बन रही हैं। उन्होंने बिहार के सरकारी विद्यालयों में अलग-अलग स्तर की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे वर्तमान और आने वाली पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने रासबिहारी मंडल के नाम पर स्थापित विद्यालय सहित राज्य के करीब साढ़े पांच सौ विद्यालयों के नाम बदले जाने की आलोचना की और सभी बच्चों के लिए एक समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की मांग की।
स्कूल का नाम और रंग बदलना शिक्षा के साम्प्रदायीकरण की साजिश : लक्ष्मण यादव
दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एवं चर्चित विचारक डॉ. लक्ष्मण यादव ने कहा कि बिहार में स्कूलों के नाम और रंग में बदलाव को केवल सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने इसे शिक्षा के साम्प्रदायीकरण की कोशिश बताते हुए कहा कि देश की सामाजिक एवं ऐतिहासिक विरासत पर खतरा मंडराने की स्थिति में वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह अपनी विरासत की रक्षा के लिए आगे आए।
भय के माहौल को लोकतंत्र के लिए बताया खतरा
बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. अजय सिंह ने कहा कि पटना से दिल्ली तक की सरकारों की नीतियों के कारण ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जिसमें लोग सवाल पूछने से डरें। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया और लोगों से संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सजग रहने की अपील की।
मंडल की विरासत से छेड़छाड़ का विरोध
वाम नेता कामरेड ओम प्रकाश भारती और प्रमोद प्रभाकर ने रासबिहारी लाल मंडल विद्यालय के नाम में बदलाव को मधेपुरा की पहचान और विरासत से जोड़ते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संविधान से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ जनजागरण जरूरी है।
राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनहित के मुद्दों से दूर है। उन्होंने शिक्षा एवं अन्य सामाजिक मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
कार्यक्रम को नितेश कुमार, डॉ. विजय, पूर्व विधायक राम कुमार यादव, ज्योति मंडल, वरीय शिक्षक नेता परमेश्वरी यादव, कांग्रेस नेता संदीप यादव, मो. अलाउद्दीन और निशांत यादव सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा रंग और नाम के माध्यम से शिक्षा एवं विरासत से जुड़े बदलावों के खिलाफ आनंद मंडल की मुहिम में वे हर स्तर पर साथ खड़े रहेंगे।
अध्यक्षीय संबोधन में आयोजन की सराहना
अपने अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व कुलसचिव प्रो. सचिंद्र महतो ने आयोजन समिति और संयोजक आनंद मंडल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संविधान और सामाजिक विरासत से जुड़े सवालों पर व्यापक स्तर पर विमर्श की जरूरत है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सिंहेश्वर के पूर्व विधायक चंद्रहास चौपाल ने किया, जबकि मंच संचालन चर्चित युवा साहित्यकार डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने किया।
इस अवसर पर प्रभाष मंडल, प्रो. रामचंद्र प्रसाद मंडल, सौरव सुमन, समाजसेवी महेंद्र यादव, सोनी यादव, कृष्ण कुमार यादव, संजय यादव, विनीत, प्रो. अरुण कुमार, प्रज्ञा यादव, प्रो. रीता यादव, विनीता भारती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरव कुमार, हिरेंद्र कुमार पप्पू सहित बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत तक परिसर में लोगों की अच्छी-खासी मौजूदगी बनी रही।















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