मधेपुरा/ जिले के आलमनगर प्रखंड में 25 जून 2026 की रात्रि ड्यूटी के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (CHO) महेंद्र चौधरी एवं राहुल कुमार के साथ हुई कथित मारपीट तथा ड्यूटी करने के बावजूद उन पर नामजद प्राथमिकी दर्ज किए जाने के मामले को लेकर बुधवार को जिला CHO संघ का प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचा।

प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन के समक्ष पूरे घटनाक्रम को विस्तार से रखा और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच तथा उचित कार्रवाई की मांग की। इस दौरान CHO संघ की ओर से एक विस्तृत ज्ञापन भी सिविल सर्जन को सौंपा गया।

CHO संघ के सदस्यों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में लगे रहते हैं, लेकिन यदि ड्यूटी के दौरान ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी तो कार्य करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आलमनगर की घटना ने जिले के सभी CHO में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

संघ के सभी सदस्यों ने एक स्वर में मांग की कि जब तक स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं की जाती, तब तक प्रभावित CHO सहित संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से मधेपुरा जिला मुख्यालय अथवा जिले के सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थानों में ही योगदान लेकर कार्य कराया जाए। उनका कहना था कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होने के बाद ही उन्हें पुनः संबंधित स्थान पर भेजा जाए।

संघ ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, निर्दोष स्वास्थ्यकर्मियों को न्याय दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

इस अवसर पर जिला CHO संघ के सभी सदस्य उपस्थित रहे और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान एवं सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एकजुटता का परिचय दिया।