मधेपुरा/ जिले के लिए लंबे समय से जिस बहुप्रतीक्षित सौगात का इंतजार किया जा रहा था, वह अब साकार होने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा चुकी है। बिहार कैबिनेट ने मधेपुरा में सेंट्रल स्कूल (केंद्रीय विद्यालय) की स्थापना के लिए प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके साथ ही जिले के हजारों छात्रों और अभिभावकों का वर्षों पुराना सपना अब जल्द ही हकीकत में बदलने वाला है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग दो किलोमीटर दूर साहुगढ़ में सेंट्रल स्कूल का निर्माण किया जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

इस उपलब्धि के पीछे वर्षों की लगातार कोशिशें रही हैं। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन जिलाधिकारी मो. सोहेल ने पहली बार मधेपुरा में सेंट्रल स्कूल की स्थापना के लिए गंभीर पहल शुरू की थी। इसके बाद समय-समय पर विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक और सरकारी प्रयास जारी रहे, लेकिन किसी न किसी कारण से योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

वर्तमान जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता देते हुए लगातार संबंधित विभागों और सरकार के साथ समन्वय स्थापित किया। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि अब बिहार कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है।

सेंट्रल स्कूल की स्थापना से मधेपुरा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से केंद्रीय पाठ्यक्रम (CBSE) के तहत पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अब दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही सरकारी एवं केंद्रीय संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह निर्णय मधेपुरा के शैक्षणिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। जिले में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा तथा नई पीढ़ी को राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं अपने ही शहर में उपलब्ध हो सकेंगी।

बिहार कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद पूरे जिले में खुशी का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और आने वाले समय में मधेपुरा का सेंट्रल स्कूल क्षेत्र के शिक्षा मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।