सुन्दरपट्टी भीमपुरा में नशे के खिलाफ जन-आक्रोश, ग्रामीणों ने थामा मोर्चा, थाना प्रभारी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
मधेपुरा। मधेपुरा जिले के भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत मानिकपुर पंचायत के सुन्दरपट्टी भीमपुरा गांव में नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आया। गांव की चौपाल पर आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं जनप्रतिनिधि जुटे और नशे के सौदागरों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है, जिससे युवाओं एवं किशोरों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, वहीं नशे की लत के कारण छोटी-छोटी चोरी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
बैठक में मौजूद भर्राही थाना प्रभारी अरमोद कुमार ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से गांव को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की कि नशे के सौदागरों से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना पुलिस को तत्काल दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में पूर्व सरपंच संजय यादव, पूर्व सरपंच देवनारायण यादव, समाजसेवी इंदल यादव सहित सैकड़ों की संख्या में सुन्दरपट्टी और भीमपुरा के ग्रामीण एवं नौजवान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों की इस एकजुटता से यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब गांव नशे के सौदागरों का अड्डा नहीं बनने देगा। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि प्रशासनिक कार्रवाई कितनी तेज और प्रभावी होती है। यदि वादे जमीन पर उतरते हैं, तो निश्चित रूप से सुन्दरपट्टी भीमपुरा नशे के अंधेरे से बाहर निकल सकेगा।













