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  • एक दिवसीय जलसा सम्पन्न

    चौसा, मधेपुरा/ प्रखंड के चंदा में दाता अलीजान शाह का 81वाॅं सलाना उर्स बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। अलीजान शाह की मजार पर श्रद्धालुओं ने चादरपोशी एवं गुलपोशी कर अपनी मुरादें पूरी होने की कामना की। सलाना उर्स के मौके पर एक दिवसीय जलसे का भी आयोजन किया गया। जलसा को संबोधित करते


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    चौसा, मधेपुरा/ प्रखंड के चंदा में दाता अलीजान शाह का 81वाॅं सलाना उर्स बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। अलीजान शाह की मजार पर श्रद्धालुओं ने चादरपोशी एवं गुलपोशी कर अपनी मुरादें पूरी होने की कामना की। सलाना उर्स के मौके पर एक दिवसीय जलसे का भी आयोजन किया गया।

    जलसा को संबोधित करते हुए खतीब ए हिन्द अल्लामा मौलाना मुफ़्ती सुल्तान रजा शिवानी ने कुरानों के हदीश की रौशनी में दुनियां वालों को पैगाम देते हुए कहा कि अमन शांति भाई चारा के साथ जीवन गुजर करें। कोई भी जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से अपना काम समझ कर करे। अगर ऐसा नहीं करता है तो वो जहन्नम में डाला जायेगा।मुसलमानों के लिए जुआ, सट्टा, ड्रीम इलेवन खेलना हराम है।

    उन्होंने कहा अगर हमारी वजह से कोई तकलीफ के आंसू बहाए तो याद रखना जब रब इन आंसूओं का हिसाब लेगा तो यह नहीं पूछेगा कि रोने वाली आंखों का मजहब कौन सा था।इस दौरान शायर शमशुद्दीन
    रजा पूर्णिवी ने भी नात व कलाम से लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया।मौलाना बदरुज्जमां फैजी ने भी अपने तकरीर में कहा कि इल्म का तलब करना हर मुसलमानों का फर्ज है।अल्लाहतआला ने दुनिया में इंसान को भेजने के बाद इल्म को जरूरी दर्जा देने का काम किया है।

    जलसा के पूर्व हजरत अली जान शाह की मजार पर बिहपुर के पीर अली कौनेन खान फरीदी के द्वारा चादरपोशी का शुभारंभ किया गया। इसके बाद सैकड़ों लोगों ने चादर पोशी कर अपनी मुरादें पूरी होने की कामना की। जलसे में लाइट पेयजल शौचालय बाहर से आये मेहमानों के लिए माकूल इंतेजाम था मौलाना अब्बास ने भी अपने तकरीर से लोगो का दिल जीत लिया जबकि बीच बीच मे मौलाना अब्बास ने नारे ए तकबीर नारे ए रे सालत पुरजोर तरीके से नारा लगाते हुए नौजवानों एवं बूढ़े में जान फूंक रहे थे।

    जलसा के सफल आयोजन में मकसूद आलम,शाहनवाज अख्तर उर्फ चांद,कैसर अली,फैयाज आलम,सहवाज आलम,सद्दाम खान,इसहाक अली,अयूब डीलर,इमदाद आलम,असफाक आलम सजिम आलम,,मंसूर अली,डाक्टर नौशाद आलम,अब्दुल मन्नान,अली हुसैन उर्फ ओसामा,सज्जाद अली,जौनैंन अली,इबरार आलम आदि की भूमिका देखी गई।जलसे का आगाज हाफिज सोहेल फैजी ने तिलावते कुरआन से की जबकि मंच का संचालन हाफिज अब्दुल रहमान ने एवं मंच की सदारत(अध्यक्षता) बाबू कोनेंन अली खान फरीदी बिहपुर भागलपुर ने किया ।

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