चौसा (मधेपुरा) | नौशाद आलम | चौसा प्रखंड क्षेत्र में किसानों की फार्मर आईडी (फार्मर रजिस्ट्री) बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर प्रखंड की छह अलग-अलग चिन्हित जगहों पर लगाए गए हैं, जहां निर्धारित तिथियों पर किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाएगी।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी कोमल भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि फार्मर आईडी निर्माण का कार्य दो चरणों में किया जाएगा।
- प्रथम चरण: 6 जनवरी से 9 जनवरी तक
- द्वितीय चरण: 18 जनवरी से 21 जनवरी तक
उन्होंने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी बन जाएगी, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल सकेगा। साथ ही, जिन किसानों के पास स्वयं की भूमि है, उनके लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है।
आगे उर्वरक बिक्री भी फार्मर आईडी से
बीएओ कोमल भारती ने बताया कि आने वाले समय में उर्वरकों की बिक्री भी फार्मर आईडी के माध्यम से ही की जाएगी, इसलिए सभी किसानों से अपील है कि वे निर्धारित तिथियों पर शिविर में पहुंचकर अपना फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं।
पूरे बिहार में चल रहा अभियान
कृषि समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया कि पूरे बिहार में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में शिविरों के माध्यम से यह अभियान चलाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण होने के बाद ही किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल पाएगा।
इन स्थानों पर लगाए गए हैं शिविर
उन्होंने बताया कि
- कृषि भवन, चौसा में तीन पंचायतों के किसानों का फार्मर आईडी बनाया जा रहा है।
- वहीं पैना, मोरसंडा, फुलौत, रसलपुर धुरिया और लौआलगान पंचायतों में संबंधित पंचायत सरकार भवन में शिविर आयोजित किए गए हैं।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर शिविर में पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी फार्मर आईडी बनवाएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।














