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  • मीनू के अनुसार नहीं मिल रहा बच्चों को भोजन, अभिभावकों ने की सुधार की मांग

    मामला उस समय और बढ़ गया जब टीकाकरण कार्य हेतु टोला सेवक/शिक्षा सेवक की तैनाती संबंधी जिला से जारी सूची में विद्यालय का नाम “उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय लक्ष्मीनियां” अंकित कर दिया गया, जबकि विद्यालय का वास्तविक नाम “उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीनियां” है। इस त्रुटि को लेकर ग्रामीण विद्यालय पहुंचे, जहां विद्यालय की व्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।


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    नौशाद आलम, कोसी टाइम्स, चौसा (मधेपुरा)/ चौसा प्रखंड अंतर्गत चौसा पूर्वी पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीनियां में बच्चों को मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) मीनू के अनुसार नहीं दिए जाने तथा खराब भोजन परोसे जाने का मामला सामने आया है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक शहनवाज़ आलम से शिकायत कर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं मीनू के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है।

    मामला उस समय और बढ़ गया जब टीकाकरण कार्य हेतु टोला सेवक/शिक्षा सेवक की तैनाती संबंधी जिला से जारी सूची में विद्यालय का नाम “उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय लक्ष्मीनियां” अंकित कर दिया गया, जबकि विद्यालय का वास्तविक नाम “उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीनियां” है। इस त्रुटि को लेकर ग्रामीण विद्यालय पहुंचे, जहां विद्यालय की व्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।

    ग्रामीण चंदन भगत, मंटू कुमार चौधरी, पंकज रजक, अरुण चौधरी एवं गौरव कुमार चौधरी ने आरोप लगाया कि विद्यालय में बच्चों को मिड डे मील के तहत खराब एवं अधपका भोजन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरुवार के निर्धारित मीनू में चावल, दाल और हरी सब्जी शामिल थी, लेकिन बच्चों को अधपका चावल तथा दाल में हल्की मात्रा में सब्जी मिलाकर परोस दी गई।

    ग्रामीणों के अनुसार जब वे रसोईघर पहुंचे और भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाया, तो रसोइया ने कहा कि “ऊपर से जो आदेश आता है, उसी का पालन किया जाता है।” वहीं कई रसोइयों ने भी व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

    बच्चों ने बताया कि खराब भोजन मिलने के कारण कई छात्र-छात्राएं घर जाकर खाना खाने को मजबूर हो जाते हैं। ग्रामीण चंदन भगत ने आरोप लगाया कि बच्चों को मीनू के अनुसार सही भोजन नहीं दिया जाता और कुछ रसोइया भोजन अपने घर भी ले जाते हैं।

    अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि विद्यालय में रात्रि प्रहरी की मनमानी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मिलकर रात्रि प्रहरी को हटाने की मांग करेंगे ताकि विद्यालय की व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।

    मुखिया प्रतिनिधि मदन मंडल ने भी विद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं आते, साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है तथा बच्चों को सही तरीके से मध्याह्न भोजन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर कचरे से भरा पड़ा है और बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

    वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक शहनवाज़ आलम ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए चावल से ही भोजन तैयार किया जाता है तथा बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन दिया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय के नाम में हुई त्रुटि को स्वीकार करते हुए बताया कि इस संबंध में पत्र लिखकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को सूचित कर दिया गया है।

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