मधेपुरा/ महान शिक्षाविद और तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर के पूर्व प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) कौशल किशोर मंडल का पटना के एक निजी अस्पताल में बीती रात निधन हो गया। उनके निधन से परिवार और जिले में शोक की लहर है। स्व. मंडल सहरसा जिला के अतलखा गांव के निवासी थे, उनका जन्म 19 नवंबर 1943 को हुआ था, उनके पिता का नाम संतलाल मंडल और माता का नाम जमुना मंडल था। स्वर्गीय मंडल के परिवार में पत्नी प्रभा मंडल बेटा कुमार ऐश्वर्या जो बीएनएमवी कॉलेज में प्राध्यापक हैं। और उनका दूसरा बेटा कुमार वर्चस्व भारतीय रक्षा सेवा में अधिकारी हैं। उनकी तीन बेटियां अवंतिका अनामिका और केशिका भी है।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई और कॉलेज की शिक्षा उन्होंने टीपी कॉलेज मधेपुरा से प्राप्त किया। उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे पटना विश्वविद्यालय गए जहां से राजनीति शास्त्र में एम ए की डिग्री हासिल की। स्वर्गीय मंडल टीपी कॉलेज में प्राध्यापक भी रहे और बाद में भूपेंद्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, पार्वती विज्ञान महाविद्यालय, मधेपुरा और एमएलटी कॉलेज, सहरसा के प्राचार्य भी बनाए गए। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी वरीयता को देखते हुए वर्ष 2004 में उन्हें तिलका मांझी विश्वविद्यालय भागलपुर का प्रति-कुलपति भी बनाया गया वे 2007 तक इस पद पर रहे और सेवानिवृत्ति के बाद मधेपुरा में ही रह रहे थे।
स्वर्गीय मंडल के मौत की सूचना के बाद उनके घर पर लोगों का तांता लग गया. कई शिक्षाविद और गणमान्य लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारी डॉ अमोल राय, डॉ भूपेंद्र मधेपुरी, शिक्षाविद डॉ आलोक कुमार, डॉ मनोरंजन प्रसाद, डॉ किशोर कुमार, डॉ नवीन कुमार सिंह, डॉ के डी राय, डॉ पंकज कुमार, वीरेंद्र प्रसाद यादव, मार्केटिंग महासचिव डॉ नरेश कुमार यादव आदि ने उनके निधन को समाज का अपूरणीय क्षति बताया।














