मधेपुरा/ देश-दुनिया में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी दिखने लगा है। इसी का असर मधेपुरा में भी देखने को मिल रहा है, जहां रसोई गैस को लेकर हाहाकार जैसी स्थिति बन गई है। शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लग रही है और सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। मधेपुरा स्थित मेजर योगेंद्र गैस एजेंसी के बाहर इन दिनों रोजाना भारी भीड़ उमड़ रही है। गैस लेने के लिए सुबह से ही लोग लाइन में खड़े हो जाते हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को कई-कई दिनों तक इंतजार के बाद भी खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।
स्थिति यह हो गई है कि लोगों के घरों में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है और रसोई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। हालांकि गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों का कहना है कि गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी तरह की कमी नहीं है। इसके बावजूद जमीन पर जो स्थिति दिखाई दे रही है, वह अलग कहानी बयां कर रही है। एजेंसियों पर भीड़ और गैस नहीं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। गैस लेने पहुंचे उपभोक्ता विवेकानंद यादव ने बताया कि वे पिछले पांच दिनों से लगातार एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें गैस नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि हर दिन उम्मीद के साथ आते हैं, लेकिन अंत में निराश होकर लौटना पड़ता है।
अमिश यादव ने बताया कि वे भी चार दिनों से गैस के लिए परेशान हैं। उनका कहना है कि घर में गैस खत्म हो चुका है और खाना बनाने में काफी परेशानी हो रही है। कई परिवार अब लकड़ी या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और तेल-गैस बाजार में बने अस्थिर माहौल के कारण लोगों में आशंका बढ़ गई है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग एक साथ गैस लेने एजेंसी पहुंच रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक अव्यवस्थित हो गई है।
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और एजेंसियों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि आम लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। वही इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।














