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अनुमंडल बनाए जाने की मांग पकड़ी जोर,की गई बैठक

👉साहित्यकार संजय कुमार सुमन ने कहा चौसा को अनुमंडल बन जाने से क्षेत्र का तेजी से होगा विकास

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मधेपुरा प्रतिनिधि
जिले के चौसा को अनुमंडल बनाने की मांग को लेकर आज जनता उच्च विद्यालय चौसा के प्रांगण में प्रो विष्णुदेव सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें अनुमंडल संघर्ष समिति चौसा का नामकरण किया गया।

संघर्ष समिति को बल प्रदान करने के लिए मुख्य संरक्षक के रूप में प्रो नवलकिशोर जायसवाल, संरक्षक प्रो विष्णुदेव सिंह शास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार विनोद आशीष, साहित्यकार सह समाजसेवी संजय कुमार सुमन,अधिवक्ता विनोद आजाद,यहिया सिद्दीकी, सुबोध कुमार पासवान को चुना गया जबकि अध्यक्ष के रूप में अजय कुमार खुशबू , उपाध्यक्ष के तौर पर वीरेंद्र कुमार वीरू, सचिव कुंदन घोषईवाला, संयुक्त सचिव राहुल कुमार यादव, कोषाध्यक्ष सुनील अमृतांशु व सोशल मीडिया प्रभारी रणजीत कुमार सिन्हा को सर्वसम्मति समिति से चुना गया।

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इस बैठक में समाजसेवी विनोद पाटिल, पवन कुमार यादव पत्रकार आरीफ आलम,अंसार आलम, कुंजबिहारी शास्त्री, त्रिभुवन कुमार गुप्ता , कृत्यानंद यादव, मंटू कुमार झा, आमोद यादव, राणा प्रताप सिंह, पूर्व पंचायत समिति दिनेश शर्मा , प्रकाश पोद्दार, अरुण कुमार मंडल समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।


समाजसेवी सह साहित्यकार संजय कुमार सुमन ने कहा कि चौसा को अनुमंडल बन जाने से क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। अनुमंडल बनाने की मांग बहुत दिनों से की जा रही है।इससे क्षेत्र की समस्याएं दूर होंगी।अनुमंडल का दर्जा पाने की तमाम मापदंडों को पूरा करने के बाद भी चौसा अब तक उपेक्षित है।

अध्यक्ष अजय कुमार खुशबू ने कहा कि 1995 से चौसा को अनुमंडल अपनाये जाने की मांग की गयी है।लेकिन हमारे राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यह मामला अब तक बीच में ही अटका हुआ है। अब समय आ गया है कि इसे यह दर्जा मिले। इसके लिए अब संघर्ष तेज किया जाएगा।
बैठक के माध्यम से बुधिजीविवों ने राज्य सरकार से चौसा को अविलंब अनुमंडल बनाने की मांग करते हुए कहा की चौसा अनुमंडल बनने की सभी अहर्ता पूरी करता है। अतः राज्य सरकार को चौसा को शीघ्र अनुमंडल बनाना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार बिनोद आशीष ने कहा कि ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में चौसा प्रखंड की भूमिका काफी सराहनीय था।लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चौसा को केवल ठगने का काम किया है।चौसा प्रखंड अनुमंडल बनने की हर एक प्रक्रिया को पूरा करता है।चौसा प्रखंड मधेपुरा, पुर्णिया व भागलपुर जिले के बीच सीमा पर अवस्थित है।सरकार चौसा को अनुमंडल बनाएं अन्यथा जनता सड़क पर उतर कर अपने अधिकार के लिए आगे बढे़गी।
अधिवक्ता विनोद आजाद ने कहा चौसा प्रखंड अधिक राजस्व देना वाला प्रखंड है।इसलिए मैं सरकार से मांग करता हूँ कि जल्द चौसा को अनुमंडल का दर्जा दिया जाय।

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