मधेपुरा/ बिहार में बढ़ते अपराध के खिलाफ आज मधेपुरा में एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं ने प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला। ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का जुटान हुआ, जहां से नारेबाजी करते हुए मार्च भूपेंद्र नारायण मंडल चौक तक पहुंचा और प्रदर्शन सभा में तब्दील हो गया।
आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि बिहार में अपराध चरम पर है। लूट, हत्या और बलात्कार जैसी घटनाओं से अखबारों के पन्ने भरे रहते हैं, लेकिन राज्य की डबल इंजन सरकार इस पर संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों से लोग भयभीत हैं और अब महिलाएं घर से निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार हो रही वीभत्स घटनाएं सरकार की विफलता को दर्शाती हैं और अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपराध पर अंकुश लगाने के बजाय आवाज उठाने वालों को दबाने में लगी हुई है, जिससे यह प्रतीत होता है कि सत्ता में बैठे लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं।
बीते दिनों नालंदा में एक महिला के साथ हुई अभद्रता की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसने पूरे बिहार की जनता को झकझोर कर रख दिया है।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल ने कहा कि बिहार में बढ़ते अपराध तथाकथित सुशासन की पोल खोल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुशासन का दावा करने वाली सरकार अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है।
इस आक्रोश मार्च में NSUI प्रखंड संयोजक रणधीर कुमार, अंशु पासवान, सोनू कुमार, साजन कुमार, सत्यम कुमार, रविशंकर कुमार, लालबहादुर कुमार, मनीष कुमार, अभिजीत कुमार, दिलखुश कुमार, दीपक कुमार, संजीत कुमार, रामलखन कुमार, बसंत कुमार, अमन कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।














