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  • विशेष केंद्रीय कारा में चलाया गया लाइफस्किल सत्र, बंदियों ने किया आत्ममंथन

    भागलपुर/भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा प्रशासन और चांद संस्था के युग्म प्रयास से बंदियों के बीच पीछले चार महीने से लाइफस्किल सत्र कराए जा रहे हैं । तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, चरित्र निर्माण, सृजनात्मकता और झगड़ा प्रबंधन के बाद आज बंदियों ने आत्ममंथन करने के गूढ सिखे । प्रोफेसर देबज्योति ने आत्म मंथन क्या है,आत्ममंथन करने


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    भागलपुर/भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा प्रशासन और चांद संस्था के युग्म प्रयास से बंदियों के बीच पीछले चार महीने से लाइफस्किल सत्र कराए जा रहे हैं । तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, चरित्र निर्माण, सृजनात्मकता और झगड़ा प्रबंधन के बाद आज बंदियों ने आत्ममंथन करने के गूढ सिखे । प्रोफेसर देबज्योति ने आत्म मंथन क्या है,आत्ममंथन करने का क्या क्या फायदे हैं तथा आत्ममंथन किए कैसे जाते हैं इसके बारे में विस्तार से समझाया तथा एक अभ्यास के माध्यम से खुद कैसे खुद के बारे में पता लगाए यह सिखाया । प्रोफेसर मुखर्जी छोटा छोटा कहानी के माध्यम से विषय को उपस्थित प्रतिभागियों के जेहन में ऐसे घुसा देते हैं मानो वो मस्तिस्क में स्थाई जगह बना ली हो ।

    कारा उपाधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कैदियों को संबोधन करते हुए बताया की कारा प्रशासन बंदियों के सर्वांगीण विकास करने के लिए तत्पर है । कार्यक्रम में सहायक काराधीक्षकों के साथ साथ सैकड़ों बंदी उपस्थित रहे ।

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