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  • नवजात शिशु की मौत मामले में थानाध्यक्ष सहित पांच पर कोर्ट में केस, डॉक्टर ने भी परिजनों पर कराया मुकदमा

    चौसा प्रखंड के फुलकिया टोला निवासी पंचायत समिति सदस्य सुशील कुमार यादव की पुत्री भारती कुमारी ने अधिवक्ता मंजीत कुमार के माध्यम से उदाकिशुनगंज कोर्ट में चौसा थाना के वर्तमान थानाध्यक्ष रवि कुमार पासवान, तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्ञानरंजन कुमार, डॉ. स्वांगिनी कुमारी, डॉ. पल्लवी भारती तथा महिला स्वास्थ्यकर्मी अमृता सिंहा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।


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    चौसा (मधेपुरा)। चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत के मामले में अब कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। इस प्रकरण में पीड़िता की ओर से चौसा थाना के वर्तमान थानाध्यक्ष समेत पांच स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ उदाकिशुनगंज व्यवहार न्यायालय में नालसी वाद दर्ज कराया गया है। वहीं दूसरी ओर, चौसा में पदस्थापित डॉक्टर पल्लवी भारती ने भी पीड़ित परिवार के सदस्यों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और डराने-धमकाने का मामला दर्ज कराया है।

    चौसा प्रखंड के फुलकिया टोला निवासी पंचायत समिति सदस्य सुशील कुमार यादव की पुत्री भारती कुमारी ने अधिवक्ता मंजीत कुमार के माध्यम से उदाकिशुनगंज कोर्ट में चौसा थाना के वर्तमान थानाध्यक्ष रवि कुमार पासवान, तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्ञानरंजन कुमार, डॉ. स्वांगिनी कुमारी, डॉ. पल्लवी भारती तथा महिला स्वास्थ्यकर्मी अमृता सिंहा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

    पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 30 नवंबर 2025 को वह प्रसव पीड़ा के दौरान चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुई थी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही एवं गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल में अवैध रूप से गार्ड के माध्यम से इलाज कराया गया तथा परिजनों को निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि निजी चिकित्सकों से परामर्श लेने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से ही नवजात की मृत्यु हुई। जब इस संबंध में कार्रवाई के लिए चौसा थाना अध्यक्ष को आवेदन दिया गया, तो उन्होंने सरकारी कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने से इनकार कर दिया और धरना-प्रदर्शन करने पर झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी।

    इसके बाद पीड़िता ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर लापरवाह डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ जांच की मांग की। मामले की जांच के लिए 27 दिसंबर 2025 को जिला चिकित्सा पदाधिकारी चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे।

    जांच के बाद चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की ओर से पीड़िता के परिजनों—पंचायत समिति सदस्य सुशील कुमार यादव और उनके पुत्र समेत दो लोगों के खिलाफ चौसा थाना में डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का मामला दर्ज कराया गया।

    इसके पश्चात पीड़िता भारती कुमारी ने चौसा थाना अध्यक्ष और संबंधित डॉक्टरों सहित पांच कर्मियों के खिलाफ उदाकिशुनगंज व्यवहार न्यायालय में नालसी वाद दर्ज कराया है। मामला दर्ज होने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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