कोसी टाइम्स की निष्पक्ष पत्रकारिता से मधेपुरा पुलिस क्यों है खफा ?
— क्या मधेपुरा पुलिस दबाना चाहती है लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया की आवाज?
मधेपुरा/ एक पुराने वीडियो को आधार बनाकर कोसी टाइम्स के पत्रकार की सामाजिक प्रतिष्ठा को हनन करने का एक मामला प्रकाश में आया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में पर्दे के पीछे से पुरैनी थाना की पुलिस की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. पुराना वीडियो वायरल कराने से आहत होकर पत्रकार अफजल राज ने मधेपुरा सायबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए वीडियो वायरल करने वाले फेसबुक संचालक पर कार्रवाई करने की मांग की है.
कोसी टाइम निष्पक्ष पत्रकारिता को लेकर बिहार में प्रतिष्ठित है. यही कारण है कि कोसी टाइम्स को बिहार सरकार भी रिकॉग्नाइज करती है. दरअसल, पुरैनी थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से स्मैक की तस्करी खूब बढ़ गई है. इसे लेकर ग्रामीण अभिभावक भी परेशान हैं कि कहीं उनके बच्चे स्मैक तस्करों के चंगुल में फंसकर बर्बाद ना हो जाए. वे लोग पुलिस पर चुनिंदा लोगों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाए थे. इससे संबंधित खबर पिछले कुछ समय से कोसी टाइम पर प्रकाशित और प्रसारित किया जा रहा था. जिसमें ग्रामीण खुले तौर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे. यही बात पुरैनी थाना की पुलिस को नागवार गुजरी और अप्रत्यक्ष रूप से कोसी टाइम्स के संवाददाता अफजाल राज और संपादक को तनाव ग्रस्त करने का प्रयास करने लगी.

सवाल यह है कि स्मैक तस्करी में औराय पंचायत के वार्ड-7 से एक महिला को पकड़ने, उस दौरान हुई घटना और पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों के आरोप को कोसी टाइम्स ने मंगलवार की शाम को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. पीड़ित संवाददाता अफजल राज का कहना है कि इन्हीं सब घटनाओं को देखते हुए पुरैनी थाना की पुलिस ने उन्हें टारगेट करते हुए एक पुराने वीडियो को मधुबनी/दरभंगा जिले के एक फेसबुक यूजर के माध्यम से पोस्ट करवाया.

पाठकों को जानकारी हो कि उक्त फेसबुक संचालक को पुरैनी थाना के चौकीदार/थाना मुंशी का काम करने वाला चौकीदार राजकुमार भी काफी समय से फॉलो कर रहे हैं. इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उक्त वर्षों पुराना वीडियो पुरैनी पुलिस की सहमति से ही वायरल किया गया और अब मेरी और चैनल की प्रतिष्ठा को सार्वजनिक तौर पर हनन करने का प्रयास किया जा रहा है.

पीड़ित पत्रकार ने बताया कि उक्त वीडियो पुराने नाटक के रिहर्सल का है, जिसे अब वायरल किया गया है. घटना को लेकर पीड़ित पत्रकार ने साइबर थाना में आज बुधवार को दोपहर 3:00 बजे लिखित शिकायत भी दर्ज करायी है। जिसमें फेसबुक संचालक सुबोध कुमार के फेसबुक से संबंधित वीडियो को भी पेन ड्राइव के माध्यम से उन्हें उपलब्ध कराया गया है. साथ ही उक्त फेसबुक संचालक पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए निवेदन किया है.
पत्रकार को आशंका है कि पुलिस कहीं उनके खिलाफ कोई और बड़ी साजिश न कर दे… बहरहाल देखना दिलचस्प होगा की मधेपुरा साइवर पुलिस अनुसंधान में कितना निष्पक्ष होकर मामले की जांच कर पाती है.














