बबलू कुमार /मधेपुरा/ मधेपुरा स्थित बीएनएमयू में कथित भारत-विरोधी गतिविधियों, पीएम-उषा योजना के अनुदान के दुरुपयोग और प्रधानमंत्री के अपमान के आरोपों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का विरोध लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी. एस. झा का पुतला दहन किया।
इससे पहले मंगलवार को कुलपति का घेराव तथा बुधवार को बीएनएमयू क्षेत्रांतर्गत तीनों जिलों में प्रेस वार्ता कर विरोध दर्ज कराया गया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कार्य समिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कहा कि पीएम-उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय को 44 लाख रुपये का अनुदान मिला है, लेकिन कुलपति की हठधर्मिता के कारण छात्र इसका समुचित लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के तहत आयोजित कार्यक्रमों में बिना सरकारी अनुमति भारत-विरोधी और कट्टरपंथी वक्ताओं को आमंत्रित किया गया।
राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख सौरव यादव ने कहा कि कुलपति द्वारा शुरू से ही देशविरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है और विरोध करने पर छात्रों को निलंबन की धमकी दी जाती है।
प्रांत एसएफएस सह संयोजक आमोद आनंद ने आरोप लगाया कि प्रो. सी. पी. सिंह शिक्षाशास्त्र के साथ-साथ पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के भी इंचार्ज हैं। वहीं प्रो. एम. आई. रहमान बीते छह वर्षों से प्लेगरिज्म डिटेक्शन सेंटर के निदेशक पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध से जुड़े अधिकांश कार्य और महत्वपूर्ण निर्णय इन्हीं के जिम्मे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। एबीवीपी ने दोनों को तत्काल पद से हटाने तथा पीएम-उषा कार्यक्रम को नए सिरे से शुरू करने की मांग की।
जिला संयोजक नवनीत सम्राट ने कहा कि पीएम-उषा की कोर कमेटी कुलपति की अध्यक्षता में गठित की गई है, जिसमें नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कोर कमेटी को तत्काल भंग कर नई समिति गठित करने की मांग की, अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
कार्यक्रम में राजू सनातन, अंशु राज, अजय कुमार, रवि कुमार, विकास कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।













