- कोसी टाइम्स संचालक से जुड़े रेस्टोरेंट कूल मुन पर रात को SDM ने की छापेमारी।
-बड़ा सवाल- गैस की किल्लत के बाद क्या किसी होटल-रेस्टोरेंट पर SDM ने की थी छापेमारी?
मधेपुरा। पुलिस प्रशासन के खिलाफ अगर कोई पत्रकार खबर चलाता है तो प्रशासन किस तरह प्रतिरोधात्मक कार्रवाई करती है इसका जीता जागता उदाहरण एक बार फिर से मधेपुरा में देखने को मिल रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं कोसी टाइम्स पर पिछले कुछ समय से पुलिस और एसडीओ के भ्रष्ट कार्यशैली को लेकर लगातार चल रही खबरों से परेशान होकर अब उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जिले के वरीय अधिकारी भी भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बदले प्रशासन पत्रकार और उससे जुड़े लोगों को प्रताड़ित कर स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाव में लाने की कोशिश कर रहा है। वह पत्रकार पर ही इतना दबाव बनाना चाह रहा है कि स्वच्छ पत्रकारिता ना हो पाए। 24 घंटे के भीतर कोसी टाइम्स के एक संवाददाता को पुराने वीडियो के मामले में फंसाया गया। फिर कोसी टाइम्स के संचालक पर जबरिया भ्रामक खबर चलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया। और उसके बाद रात को कोसी टाइम्स संचालक से जुड़े कूल मून रेस्टोरेंट पर एसडीओ ने दो दर्जन पुलिस के साथ छापा मारा जो करीब डेढ़ से दो घंटे रात के 11 बजे तक चला। इस छापेमारी में sdm साहब को यहां पर कुछ भी नहीं हाथ आया तो कमर्शियल गैस सिलेंडर को डॉक्यूमेंट के नाम पर कार्यालय में बंद कर सील कर दिया। हालांकि उन्होंने डॉक्यूमेंट लेकर कल सुबह कार्यालय आने को भी संचालक को कहा।
मौके पर मौजूद पत्रकारों ने जब एसडीओ से कार्रवाई के बाबत सवाल जवाब किया तो उन्होंने कहा आप ऑथराइज्ड नहीं है जहां मन वहां हम बाइट नहीं दे सकते हैं। बताया जाता है कि अधिकारी रेस्टोरेंट में घुसे और सबसे पहले उन्होंने बिजली मीटर पर जांच करना शुरू किया, लेकिन वहां उन्हें कुछ भी नहीं मिला। इसके बाद रेस्टोरेंट के अलग-अलग हिस्सों में घूम-घूम कर चेक किया कि कहीं कोई आपत्तिजनक सामान तो नहीं मिल रहा है। वह भी नहीं मिला उसके बाद एसडीओ किचन में गए तो वहां भी उन्हें कमर्शियल सिलेंडर ही मिला जो इस्तेमाल हो रहा था। एसडीएम ने यहां से नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, बिजली विभाग के अधिकारी और अन्य अधिकारियों को भी फोन किया जो साफ दर्शाता था कि वह बौखलाहट में रेस्टोरेंट से कोई ना कोई कमी ढूंढना चाह रहे थे।














