सहरसा/नगर निगम सहरसा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1036 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया है. महापौर ने बजट को शहर के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार का रोडमैप बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है.
बजट में साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान, सड़कों के मरम्मत एवं निर्माण, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत करने और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है.
- शहर को स्वच्छ, सुंदर व विकसित बनाने का बजट-
महापौर ने कहा कि शहर के विभिन्न वार्डों से प्राप्त सुझावों को शामिल कर बजट को संतुलित और जनहितकारी बनाया गया है. खासकर जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़े प्रावधान किए गए हैं.
उन्होंने पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने वार्ड की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर निगम प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करें, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे. महापौर ने भरोसा दिलाया कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निगम कार्य करेगा और शहर को स्वच्छ, सुंदर व विकसित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. - समग्र विकास पर केंद्रित है बजट-
सहरसा नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंगलवार को जारी बजट में शहर के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है. जलापूर्ति, सड़क, सफाई, आवास, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट और शहरी गरीबों के लिए आवास जैसी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है. - जलापूर्ति और सफाई पर फोकस-
बजट के अनुसार जलापूर्ति व्यवस्था के रख-रखाव के लिए 36 लाख रुपये, जबकि आपातकालीन मरम्मत एवं ओ एंड एम कार्यों के लिए 92 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं. वहीं, नगर निगम कार्यालय के आधुनिकीकरण के तहत फर्नीचर, कंप्यूटर व आईटी उपकरणों पर 2-2 करोड़ रुपये तक खर्च का प्रस्ताव है. शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर 18 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया गया है. इसके अलावा ड्रेनेज सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और लेगेसी वेस्ट हटाने पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे. सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव और निर्माण के लिए भी अलग से बजट तय किया गया है. - शहर में सड़क व कंक्रीट रोड निर्माण पर भारी राशि-
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत पथ-निर्माण, पावर ब्लॉक, पुलिया और नालों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया गया है. कंक्रीट सड़क निर्माण और प्रमुख सड़कों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये तक का प्रावधान रखा गया है. वहीं, शहर में पार्किंग व्यवस्था सुधारने, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड विकसित करने की योजना भी शामिल है. - शहरी गरीबों के लिए मल्टी-स्टोरी हाउसिंग योजना-
शहरी गरीबों के लिए बहुमंजिला आवास योजना पर 5 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा स्लम विकास, सामुदायिक भवन, टाउन हॉल और स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण पर भी बजट खर्च किया जाएगा. स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाओं की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं. एलईडी स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट लाइट, कंट्रोल रूम व सर्विलांस सिस्टम, जल एटीएम और फाउंटेन निर्माण जैसी योजनाएं शामिल हैं. - मार्केट कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक ढांचे का विकास-
नगर निगम ने बाजार, मॉल और वेंडिंग जोन के विकास के लिए भी बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कुल मिलाकर यह बजट शहर को साफ, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. नगर निगम प्रशासन का दावा है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सहरसा को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.














