सिंहेश्वर (मधेपुरा)। बिहार की प्रसिद्ध बाबा नगरी सिंहेश्वर में 15 फरवरी से 17 मार्च तक लगने वाले ऐतिहासिक महाशिवरात्रि मेले के डाक की नीलामी मंगलवार को संपन्न हुई। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित इस नीलामी प्रक्रिया में सबसे अधिक 1 करोड़ 16 लाख 51 हजार रुपये की बोली लगाकर जितेंद्र कुमार उर्फ सिंटू ने मेला डाक अपने नाम कर लिया।
डाक की प्रक्रिया में कुल तीन बोलीदाता—जितेंद्र कुमार उर्फ सिंटू, संजय कुमार और सोनू कुमार—जमानत राशि जमा कर शामिल हुए। नीलामी कुल पांच राउंड तक चली। पहले राउंड में जहां तीनों बोलीदाता आपस में बेहद करीबी अंतर से बोली बढ़ाते रहे, वहीं अंतिम राउंड में जितेंद्र कुमार सिंटू ने सबसे ऊंची बोली लगाकर बाज़ी मार ली। अंतिम दौर में सोनू कुमार (1 करोड़ 16 लाख 46 हजार) और संजय कुमार (1 करोड़ 16 लाख 47 हजार) तक पहुंचकर आगे बोली लगाने में असमर्थ हो गए, जिसके बाद 1 करोड़ 16 लाख 51 हजार रुपये की अंतिम बोली पर मेला डाक सिंटू के नाम हुआ।
डाक की राशि पर 8 प्रतिशत स्टांप शुल्क जोड़कर कुल 1 करोड़ 25 लाख 83 हजार 80 रुपये एकमुश्त जमा करने के बाद जितेंद्र कुमार उर्फ सिंटू को विधिवत मेला की बंदोबस्ती सौंपी गई। जिला राजस्व शाखा द्वारा जारी आम सूचना की पहली ही तिथि को यह डाक प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
इस मौके पर एडीएम अरुण कुमार सिंह, राजस्व प्रभारी फैजान आलम, सदर एसडीएम संतोष कुमार, सिंहेश्वर अंचलाधिकारी नवीन कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और राजस्वकर्मी मौजूद रहे।
“मेला की दिव्यता और भव्यता में नहीं होगी कोई कमी”
मेला संवेदक जितेंद्र कुमार उर्फ सिंटू और मेला सहयोगी डॉ. आभाष आनंद झा ने कहा कि पहली ही तिथि पर बंदोबस्ती हो जाने से मेले की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष मेला पिछले वर्षों से भी अधिक भव्य और आकर्षक होगा। दुकानदारों से संपर्क शुरू कर दिया गया है और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सुनामी झूला और जलपरी बनेंगे आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष महाशिवरात्रि मेला दर्शकों के लिए कई नए आकर्षण लेकर आ रहा है। आयोजकों के अनुसार मेले में
- जलपरी और देश–विदेश की मछलियों की प्रजातियां,
- सुनामी झूला,
- विभिन्न राज्यों (लखनऊ, बनारस, जयपुर आदि) के हस्तशिल्प स्टॉल,
- वैष्णो देवी मंदिर का सजीव स्वरूप,
- भूल-भुलैया,
- मौत का कुआं और कई तरह के आधुनिक झूले लगाए जाएंगे।
मेला को सोनपुर मेले की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है, ताकि देश-प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक यादगार अनुभव मिल सके।
सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम
आयोजकों ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे, और अन्य निगरानी व्यवस्था की जाएगी ताकि मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।
15 फरवरी से 17 मार्च तक चलने वाला यह महाशिवरात्रि मेला इस बार आस्था, मनोरंजन और भव्यता का अनूठा संगम बनने जा रहा है।














