पुरैनी(मधेपुरा)। अनुमंडल अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने बुधवार को उत्क्रमित उच्च माध्यमिक प्लस टू स्कूल में बच्चों को आपात स्थिति में आग से निपटने के उपाय बताए। अनुमंडल अग्निशमालय प्रभारी शंकर कुमार यादव ने बताया कि आग तीन तरह की होती है। लकड़ी, कोयला, गोयठा, खरपतवार, पेपर, कपड़ा और फूस के घरों में लगने वाली आग साधारण श्रेणी में आती है। किसी भी तरह के तैलीय पदार्थ में आग लगने पर तैलीय आग और ज्वलनशील गैसों में लगनेवाले आग को गैसीय आग कहते हैं। साधारण आग पर पानी डालकर और गैसीय तथा तैलीय आग को पानी से भिंगोया हुआ कम्बल, दरी, कपड़ा आदि से ढंककर आक्सीजन ब्लॉक कर काबू पाया जा सकता है। बिजली की शार्ट सर्किट से लगने वाले वाली आग पर सूखा बालू और सूखा मिट्टी फेंककर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने आग लगाकर उसको हाथ से बुझाने और पानी से भींगे कपड़े से बुझाने का तरीका भी सिखाया।
मौके पर एचएम मनजीत कुमार मौर्य, फायरमैन विमल कुमार शर्मा, अनिमेष कुमार, गृह रक्षक तेज नारायण यादव, शिक्षक सुधेन्द्र कुमार समर, सुरेन्द्र कुमार, रीता कुमारी, राजीव कुमार रंजन, प्रशांत कुमार, राहुल कुमार, मनोज कुमार, कुंदन कुमार वह अन्य मौजूद थे।















