सांख्यिकी विभाग द्वारा फसल कटनी प्रयोग का हुआ आयोजन
फसल कटनी प्रयोग में जिला सांख्यिकी की पदाधिकारी शिवनारायण रावत हुए शामिल
मधेपुरा ब्यूरो
राज्य सांख्यिकी निदेशालय बिहार पटना के निर्देशानुसार प्रत्येक पंचायत में रवि फसल कटनी प्रयोग का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में उत्पादन व उत्पादकता का आकलन करना है। इसी सिलसिले में जिले के चौसा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मोरसंडा के धनेशपुर ग्राम में शिवनारायण यादव के खेत पर गेहूं फसल कटनी प्रयोग का आयोजन किया गया ।इस मौके पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शिव नारायण रावत उपस्थित हुए।

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श्री रावत ने बताया कि इस प्रकार के प्रयोग से पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड स्तर पर एवं प्रखंड से लेकर जिला व राज्य स्तर पर उत्पादन और उत्पादकता का आकलन किया जाता है। यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष ,प्रत्येक मौसम में फसल कटनी प्रयोग आयोजित होती है ।आकलन उपरांत किसानों का उत्पादन में गिरावट या वृद्धि का आकलन करते हुए सरकार को समेकित प्रतिवेदन भेजी जाती है। वे बताते हैं कि अगर किसानों के उत्पादन में लगातार 3 सालों तक कमी आती है तो राज्य सरकार की ओर से फसल सहायता योजना के अंतर्गत किसानों को सहायता के तौर पर राशि मुहैया कराई जाती है।
इस मौके पर अवर सांख्यिकी पदाधिकारी मधेपुरा मुकेश कुमार ने बताया कि अभी रवि मौसम में लगे गेहूं की फसल का आकलन की जा रही है ,इसके बाद मक्का फसल का क्रॉप कटिंग भी होगा ।जबकि यह दो तरह से की जाती है । अंचल स्तर से भी संपादित होती है जिसका आकलन अंचलाधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से की जाती है। जबकि पंचायत स्तर पर कार्य करने के द्वारा पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मी के द्वारा संपादन किया जाता है ।
प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि सरकार के द्वारा चिन्हित प्लॉट पर ही क्रॉप कटिंग होती है तथा इससे पंचायत स्तर के उत्पादन का आकलन कर लिया जाता है ।इस मौके पर क्रॉप कटिंग सर्वेयर के रूप में सुनील कुमार , कुंज बिहारी शास्त्री उपस्थित थे।